बाड़मेर में ऊंटों की बड़ी तस्करी नाकाम: राजस्थान के बाड़मेर में ऊंटों की तस्करी का खुलासा ट्रक में ठूंसकर भरे 17 ऊंट जब्त
बाड़मेर के चौहटन इलाके में ग्रामीणों ने पंजाब नंबर के एक ट्रक को पकड़ा है जिसमें 17 ऊंटों को अमानवीय तरीके से भरकर उत्तर प्रदेश और बिहार ले जाया जा रहा था।
बाड़मेर | राजस्थान के बाड़मेर जिले में ऊंटों की तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। चौहटन थाना क्षेत्र के खारिया राठौड़ान गांव में ग्रामीणों ने एक ट्रक को रुकवाया जिसमें भारी संख्या में ऊंट भरे हुए थे।
ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़ी गई तस्करी
सोमवार रात को खारिया राठौड़ान गांव की मुख्य सड़क से एक पंजाब नंबर का ट्रक गुजर रहा था। ग्रामीणों को ट्रक की संदिग्ध गतिविधियों और उसमें से आ रही आवाजों पर शक हुआ जिसके बाद उन्होंने उसे बीच रास्ते में ही रुकवा लिया।
ट्रक के रुकते ही चालक और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। ग्रामीणों ने जब ट्रक के पिछले हिस्से को खोलकर अंदर देखा तो उनके होश उड़ गए क्योंकि उसमें ऊंटों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था।
अमानवीय तरीके से बांधे गए थे ऊंट
जांच के दौरान ट्रक में कुल 17 ऊंट मिले जिनमें कुछ छोटे और कुछ बड़े ऊंट शामिल थे। तस्करों ने ऊंटों के पैरों और मुंह को रस्सियों से बहुत ही क्रूरता के साथ बांध रखा था ताकि वे शोर न कर सकें।
ऊंटों की हालत इतनी खराब थी कि वे ट्रक के अंदर सांस लेने और हिलने-डुलने की स्थिति में भी नहीं थे। ग्रामीणों ने तुरंत इस अमानवीय कृत्य का कड़ा विरोध किया और इसकी सूचना स्थानीय चौहटन पुलिस को दी।
उत्तर प्रदेश और बिहार भेजने की थी तैयारी
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन ऊंटों को राजस्थान की सीमा से बाहर ले जाया जा रहा था। तस्करों की योजना इन बेजुबान जानवरों को उत्तर प्रदेश और बिहार की विभिन्न मंडियों में अवैध रूप से बेचने की थी।
राजस्थान राज्य में ऊंट को राज्य पशु का दर्जा प्राप्त है और इसके परिवहन के लिए बहुत कड़े नियम और कानून बनाए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन ऊंटों को जिले के किस विशेष क्षेत्र से लाया गया था।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
सूचना मिलते ही चौहटन थाने के हेड कॉन्स्टेबल विशनाराम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और सभी 17 ऊंटों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
चौहटन डीएसपी जेठाराम ने बताया कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस तस्करी और पशु क्रूरता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
ग्रामीणों के इस साहसी कार्य की पूरे इलाके में प्रशंसा हो रही है क्योंकि उनकी सजगता से कई बेजुबान जानवरों की जान बच गई। पुलिस अब ट्रक के मालिक और चालक के दस्तावेजों की भी जांच कर रही है ताकि मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।