खेल मंत्रालय का बड़ा फैसला: कुश्ती संघ के चुनाव पर रोक, बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चले रहे धरने के बाद उठाया बड़ा कदम
खेल मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा चुनावों और महासंघ के दिन-प्रतिदिन के कामकाज की देखरेख के लिए एक एडहॉक कमेठी का गठन किया जाएगा।
नई दिल्ली | कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद से देश में कुश्ती संघ हिला हुआ।
ऐसे में एक बार फिर से पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना शुरू कर दिया।
इसी बीच खेल मंत्रालय ने भी बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ के आगामी चुनावों पर रोक लगाने का फैसला किया।
खेल मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा चुनावों और महासंघ के दिन-प्रतिदिन के कामकाज की देखरेख के लिए एक एडहॉक कमेठी का गठन किया जाएगा।
ये कमेठी 45 दिनों के भीतर कुश्ती महासंघ का चुनाव करवाएगी और खिलाड़ियों का सलेक्शन भी करेगी।
वहीं दूसरी ओर, विनेश फोगट समेत सात पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
ऐसे में मंगलवार को पहलवानों के वकील शीर्ष कोर्ट में सुनवाई की मांग करेंगे।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने आरोपों की निगरानी समिति की जांच के संबंध में खेल मंत्रालय से एक स्टेटस रिपोर्ट का मांगी है।
सिंह के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए मैरी कॉम की अध्यक्षता वाली समिति का इसी साल की शुरुआत में गठन किया गया था।
इसके बाद से कई लोगों को उम्मीद थी कि खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा की गई कार्रवाई से भारत में कुश्ती के लिए एक उज्जवल भविष्य होगा, लेकिन यहां तो मामला और भी गंभीर होता दिख रहा है।