जालोर | राजस्थान में अवैध मादक पदार्थों और बिना लाइसेंस के चल रहे व्यवसायों के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का अभियान अब और तेज हो गया है। टीमों ने एक ही दिन में जालोर और पाली जिलों में दो बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है।
पाली-जालोर में ANTF की बड़ी रेड: राजस्थान में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, गांजा और दवाएं जब्त
पाली और जालोर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने गांजा और अवैध दवाइयों का जखीरा पकड़ा।
HIGHLIGHTS
- पाली के रोहट में 6 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ।
- जोधपुर के आरोपी को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
- जालोर में बिना लाइसेंस चल रहे मेडिकल स्टोर पर छापा।
- बोगस ग्राहक बनकर एएनटीएफ ने पकड़ीं हजारों अवैध दवाएं।
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पाली के रोहट में गांजे की बड़ी खेप बरामद
एएनटीएफ की पाली चौकी को गुप्त सूचना मिली थी कि एक तस्कर मोटरसाइकिल से अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई करने जालोर की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने रोहट पुलिस के साथ नाकाबंदी की।
जालोर रोड पर संदिग्ध मोटरसाइकिल को रुकवाकर जब तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। आरोपी के पास मौजूद बैग से कुल 6 किलो 170 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने जोधपुर के लूणी निवासी मदनराम प्रजापत को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी से अब तस्करी के नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है ताकि मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।
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जालोर में बोगस ग्राहक ने खोली मेडिकल स्टोर की पोल
दूसरी बड़ी सफलता जालोर जिले के करवाड़ा गांव में मिली। यहाँ राजकीय आयुर्वेद औषधालय के बिल्कुल सामने एक मेडिकल स्टोर बिना किसी वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा था।
पुष्टि करने के लिए एएनटीएफ का एक सदस्य 'बोगस ग्राहक' बना और 100 रुपये लेकर दवा खरीदने पहुंचा। संचालक द्वारा बिल न देने पर औषधि नियंत्रक अधिकारी को मौके पर बुलाया गया।
हजारों अवैध दवाइयां और इंजेक्शन जब्त
जांच में स्टोर संचालक वागाराम कोई भी वैध लाइसेंस पेश नहीं कर सका। यहाँ से करीब 12 हजार अवैध औषधियां जब्त की गई हैं, जिनमें नशीली टैबलेट्स, कैप्सूल और इंजेक्शन शामिल हैं।
एएनटीएफ ने अपील की है कि अवैध गतिविधि की सूचना कंट्रोल रूम 0141-2502877 या व्हाट्सएप 9001999070 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
"नशे के कारोबार को जड़ से मिटाना हमारी प्राथमिकता है। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी ताकि वे सुरक्षित महसूस कर सकें।"
राजस्थान में एएनटीएफ की इस सक्रियता ने अवैध कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। पुलिस प्रशासन अब इन मामलों के तार अन्य राज्यों से जुड़े होने की भी गहनता से जांच कर रहा है।
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