thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

सिरोही जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल: फीकी पड़ी मंत्री की मुस्कान, चमक दिखानी थी पर पैबंद दिख गए

गणपत सिंह मांडोली
+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ
the ministers smile faded intended to show a gleam but a patch was revealed instead

सिरोही। जिला प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। करीब बीस मिनट तक अस्पताल का भ्रमण कर उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बाद में मीडिया से बातचीत के दौरान अस्पताल की सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की सराहना की। लेकिन निरीक्षण के तुरंत बाद एक मरीज द्वारा अपनी समस्या सीधे मंत्री के समक्ष रखे जाने से अस्पताल की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े हो गए।
मीडिया से बातचीत के दौरान जब मंत्री से पूछा गया कि अस्पताल में कुप्रबंधन को लेकर पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों को फटकार लगाई जा चुकी है, तो सुधार कब तक दिखाई देगा। इस पर मंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि "फटकारों का ही असर है कि व्यवस्थाएं सुधर गई हैं।" हालांकि इसी दौरान एक मरीज उनके पास पहुंचा और बताया कि वह तीन दिनों से भर्ती होने के लिए भटक रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। मरीज की शिकायत सुनकर मंत्री ने पास खड़े चिकित्सक को उसे देखने के निर्देश दिए और आगे बढ़ गए।

ऑपरेशन के लिए पांच दिन का इंतजार

अस्पताल परिसर में मौजूद एक युवक ने बताया कि वह अपनी घायल मौसी को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आया था। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की आवश्यकता बताई, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि ऑपरेशन पांच दिन बाद ही संभव हो सकेगा। ऐसे में परिजन मरीज को बेहतर और शीघ्र उपचार की उम्मीद में उदयपुर ले जाने को मजबूर हुए।

सीमित निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर संतोष

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कुछ मरीजों से बातचीत की, नर्सिंग छात्राओं से चर्चा की और निशुल्क दवा वितरण केंद्र का अवलोकन किया। इसके बाद वे नर्सिंग अधीक्षक कार्यालय और आईसीयू वार्ड पहुंचे तथा कुछ ही मिनटों में निरीक्षण समाप्त कर बाहर आ गए। अस्पताल में चिकित्सकों एवं नर्सिंगकर्मियों की कमी, मरीजों की लंबी प्रतीक्षा और अन्य समस्याएं चर्चा का विषय बनी रहीं, लेकिन इसके बावजूद मंत्री व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए।

काफिले पर भी उठे सवाल

प्रधानमंत्री द्वारा संसाधनों के सीमित एवं विवेकपूर्ण उपयोग की अपील के बावजूद मंत्री का दौरा बड़े काफिले के साथ हुआ। अस्पताल पहुंचने वाले काफिले में लगभग दस वाहन शामिल रहे। इनमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े वाहन भी शामिल थे।

सीतावन मामले पर बोले मंत्री

बाद में जिला सूचना केंद्र में आयोजित विकास प्रदर्शनी के दौरान मंत्री ने मीडिया से बातचीत में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। इस दौरान माउंट आबू के सीतावन क्षेत्र में स्थानीय निवासियों को मूलभूत सुविधाओं एवं मकानों की मरम्मत संबंधी समस्याओं का सामना करने तथा दूसरी ओर रसूखदार लोगों द्वारा निर्माण कार्य करवाए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई समस्या है तो उसे दिखवाकर समाधान कराया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम में अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सरकार के दावों और मरीजों की शिकायतों के बीच का अंतर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया।

शेयर करें: