जोधपुर | नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। 20 दिन की मेडिकल पैरोल खत्म होने के बाद समय पर जोधपुर जेल नहीं पहुंचने के मामले में रातानाडा थाना पुलिस ने उनके खिलाफ कारागार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
जोधपुर जेल पहुंचने में देरी, आसाराम पर दर्ज हुआ नया केस
नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे आसाराम की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। 20 दिन की मेडिकल पैरोल खत्म होने के बाद समय पर जोधपुर जेल नहीं पहुंचने के मामले में रातानाडा थाना पुलिस ने उनके खिलाफ कारागार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
HIGHLIGHTS
- आसाराम की 20 दिन की मेडिकल पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद समय पर जोधपुर जेल नहीं पहुंचने पर मामला दर्ज हुआ है।
- रातानाडा थाना पुलिस ने कारागार अधिनियम की धारा 58ख के तहत आसाराम के खिलाफ कार्रवाई की है।
- आसाराम को मंगलवार शाम 5 बजे तक सरेंडर करना था, लेकिन वे रात 10:40 बजे जोधपुर पहुंचे।
- देर रात पहुंचने के कारण जेल प्रशासन ने उन्हें प्रवेश नहीं दिया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
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जेल पहुंचने में हुई देरी
पुलिस के अनुसार, आसाराम को मंगलवार शाम 5 बजे तक केंद्रीय कारागृह जोधपुर में सरेंडर करना था। हालांकि, वे रात करीब 10:40 बजे एयर एम्बुलेंस से इंदौर से जोधपुर पहुंचे।
निर्धारित समय के बाद जेल पहुंचने को लेकर जेल प्रहरी बनवारीलाल ने रिपोर्ट दी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
कानूनी कार्रवाई का विवरण
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रातानाडा थाना पुलिस ने 27 अक्टूबर 2026 को प्रकरण संख्या 206/26 दर्ज किया है। यह कार्रवाई कारागार अधिनियम की धारा 58ख के तहत की गई है।
मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक भवानीसिंह कर रहे हैं। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर छह अक्टूबर को आसाराम को 20 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था।
जेल में प्रवेश नहीं मिला
पैरोल अवधि समाप्त होने पर मंगलवार देर रात आसाराम एयर एम्बुलेंस में उज्जैन से जोधपुर लौटे थे। देर रात होने के कारण जेल प्रशासन ने उन्हें जेल में दाखिल नहीं किया।
जेल में प्रवेश न मिलने के बाद अधिवक्ता और अन्य लोग उन्हें भगत की कोठी स्थित अस्पताल ले गए। अब संभवतः बुधवार को उन्हें जेल लाया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट और पैरोल
आसाराम के अधिवक्ता ने पैरोल अवधि बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया था।
कोर्ट ने शाम तक जोधपुर जेल में सरेंडर करने के आदेश दिए थे। तबीयत खराब होने के कारण वे उज्जैन के अस्पताल में भर्ती थे, जहां से उन्हें एयर एम्बुलेंस के जरिए जोधपुर लाया गया।
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