जोधपुर | राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने अपने हालिया जोधपुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का बारीकी से आकलन करना था। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की मंशा के अनुरूप हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या काम में ढिलाई को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पात्रों को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ: राजस्थान: मंत्री अविनाश गहलोत का जोधपुर दौरा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने जोधपुर में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुँचाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के निर्देश दिए।
HIGHLIGHTS
- मंत्री अविनाश गहलोत ने जोधपुर सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ अहम समीक्षा बैठक की।
- पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लंबित मामलों का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
- अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार करने और नवाचार के लिए सुझाव देने को कहा गया।
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पात्रता सत्यापन और भुगतान पर जोर
बैठक के दौरान गहलोत ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि लाभार्थियों का पात्रता सत्यापन समय पर पूरा किया जाए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस प्रक्रिया से बाहर नहीं रहना चाहिए। लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के आदेश दिए गए।
भुगतान की प्रक्रिया में देरी न हो, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। इससे लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
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विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा
मंत्री ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन जैसी योजनाओं की स्थिति जांची। इन योजनाओं का लाभ करोड़ों लोगों को मिलता है।
इसके साथ ही पालनहार योजना और उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। शिक्षा से जुड़ी ये योजनाएं छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हैं।
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना और अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना के क्रियान्वयन पर भी ध्यान दिया गया। छात्रावास योजना के लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए गए।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
मंत्री अविनाश गहलोत ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। इसमें कोई समझौता नहीं होगा।
सभी अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी।
कार्यों में गुणवत्ता और संवेदनशीलता सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारी जनता की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
नवाचार और जन-जागरूकता पर बल
योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए गहलोत ने व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। प्रचार के बिना पात्र लोग योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।
अधिकारियों को मैदानी स्तर पर जाकर पात्र लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए गए। इससे समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी न्याय मिल सकेगा।
मंत्री ने विभागीय कार्यों में सुधार लाने के लिए अधिकारियों से नए और रचनात्मक सुझाव भी मांगे हैं। नवाचारों से विभाग की कार्यक्षमता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।
अंत्योदय और सामाजिक न्याय का संकल्प
मंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार अंत्योदय की भावना से प्रेरित होकर कार्य कर रही है। गरीब और पिछड़े वर्गों का उत्थान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का काम समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्ग की सेवा करना है। अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए।
बैठक के अंत में गहलोत ने मीडिया से संवाद कर विभाग की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार जनहित के कार्यों के लिए समर्पित है।
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