thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

बालोतरा: मां ने 2 बेटों संग टांके में दी जान, पसरा मातम

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

बालोतरा के दूधवा गांव में विवाहिता ने दो बेटों संग पानी के टांके में कूदकर जान दे दी। चार साल पहले 'आटे-साटे' प्रथा में हुई थी शादी। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • बालोतरा के दूधवा गांव में विवाहिता ने दो बेटों संग पानी के टांके में कूदकर जान दे दी।
  • मृतकों में मूली देवी और उसके ढाई साल और 2 महीने के दो मासूम बेटे शामिल हैं।
  • महिला की शादी चार साल पहले 'आटे-साटे' प्रथा के तहत हुई थी।
  • पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर जांच शुरू कर दी है, प्रारंभिक वजह पारिवारिक कलह बताई जा रही है।
balotra woman ends life with two sons in water tank

बालोतरा | राजस्थान के बालोतरा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पचपदरा थाना क्षेत्र के दुधवा गांव में मंगलवार तड़के एक विवाहिता ने अपने दो बेटों के साथ घर के पास बने पानी के टांके में छलांग लगा दी। इस दर्दनाक हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

अचानक खामोश हो गईं किलकारियां

एक हंसता-खेलता परिवार, जिसमें दो मासूम बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, अचानक हमेशा-हमेशा के लिए खामोश हो गया। शादी के महज चार साल बाद ही यह संसार उजड़ गया।

रात के अंधेरे में उठाया खौफनाक कदम

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार रात करीब तीन बजे की बताई जा रही है।

रात के गहरे सन्नाटे में मूली देवी (पत्नी हनुमाना राम प्रजापत) अपने दोनों मासूम बेटों को लेकर घर से निकलीं।

उनके साथ उनका बड़ा बेटा रवींद्र, जिसकी उम्र महज ढाई साल थी, और छोटा बेटा नारायण था, जो सिर्फ दो महीने का था।

सुबह चप्पलों से खुला राज

मंगलवार सुबह करीब पांच बजे जब परिवार के अन्य सदस्यों की आंख खुली, तो उन्होंने मूली देवी और दोनों बच्चों को घर में नहीं पाया। यह देखकर उनके होश उड़ गए।

परिवार वालों ने तुरंत उनकी तलाश शुरू कर दी। घर और आसपास खोजने पर उनकी नजर पानी के टांके के पास पड़ी, जहां मूली देवी की चप्पलें रखी हुई थीं।

टांके से निकाले गए तीनों के शव

टांके के बाहर चप्पलें देखकर परिजनों और ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत पचपदरा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय तैराकों को टांके में उतारा गया।

तैराकों ने पानी के अंदर से मूली देवी, उसके ढाई साल के बेटे रवींद्र और 2 महीने के मासूम नारायण के शवों को बाहर निकाला। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर किसी का दिल दहल गया।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों शवों को बालोतरा के राजकीय नाहटा अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमॉर्टम के लिए रखवाया।

'आटे-साटे' प्रथा में हुई थी शादी

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि खोखसर निवासी निंबाराम प्रजापत की बेटी मूली देवी की शादी करीब चार साल पहले दुधवा निवासी हनुमाना राम प्रजापत से हुई थी।

यह शादी समाज की पारंपरिक 'आटे-साटे' प्रथा के तहत हुई थी, जिसमें मूली देवी के परिवार ने अपने बेटे की शादी भी इसी परिवार में तय की थी।

हनुमाना राम का परिवार मजदूरी करके अपना जीवनयापन करता था। शादी के चार साल में उनके दो बेटे हुए, लेकिन यह खुशहाल परिवार एक झटके में बिखर गया।

पुलिस जांच में जुटी

पचपदरा थाना के सीआई बाबूलाल डीएयू ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी।

तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है।

प्रारंभिक तौर पर इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह पारिवारिक कलह बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सीआई के अनुसार, फिलहाल पीहर पक्ष की ओर से कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है। पुलिस हर पहलू से मामले की गहराई से जांच कर रही है और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: