भरतपुर | राजस्थान के डीग जिले के कामां इलाके में मंगलवार शाम एक हृदयविदारक हादसा हो गया। यहाँ रसोई गैस सिलेंडर में हुए जोरदार धमाके ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन लीं। हादसे में दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई।
भरतपुर: सिलेंडर ब्लास्ट में 2 की मौत: भरतपुर में LPG सिलेंडर ब्लास्ट: भाई-बहन की मौत, 7 लोग झुलसे
राजस्थान के डीग में गैस भरते समय हुआ बड़ा धमाका, दो बच्चों ने गंवाई जान, दो की हालत बेहद नाजुक।
HIGHLIGHTS
- डीग जिले के कामां इलाके में गैस सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हुआ है।
- हादसे में एक ही परिवार के 7 लोग झुलस गए, जिनमें से दो बच्चों की मौत हो गई।
- गैस किट में अवैध रूप से रिफिलिंग के दौरान यह जोरदार धमाका हुआ।
- आग की लपटों ने कोल्ड ड्रिंक के गोदाम और ऊपर बने मकान को चपेट में ले लिया।
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गैस रिफिलिंग के दौरान हुआ जोरदार धमाका
यह दर्दनाक घटना कामां डीग रोड पर बस स्टैंड के सामने स्थित एक कोल्ड ड्रिंक गोदाम में हुई। मंगलवार शाम करीब 5 बजे यहाँ काम चल रहा था। तभी अचानक एक सिलेंडर फट गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यहाँ घरेलू एलपीजी सिलेंडर से ईको गाड़ी की गैस किट में अवैध रूप से गैस भरी जा रही थी। इसी दौरान रिफिलिंग पाइप में लीकेज या अन्य कारण से धमाका हुआ।
धमाका इतना शक्तिशाली था कि गोदाम में खड़ी दो ईको वैन धू-धू कर जलने लगीं। कुछ ही सेकंड में आग की ऊंची लपटें निकलने लगीं। इन लपटों ने गोदाम के ऊपर बने रिहायशी मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया।
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भाई-बहन की मौत से परिवार में मचा कोहराम
इस भीषण अग्निकांड में एक ही परिवार के सात सदस्य बुरी तरह झुलस गए। घायलों को तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से भरतपुर के आरबीएम अस्पताल ले जाया गया। यहाँ इलाज के दौरान 11 साल की अक्षरा ने दम तोड़ दिया।
अक्षरा के शरीर का ऊपरी हिस्सा करीब 50 प्रतिशत तक झुलस चुका था। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए अन्य घायलों को जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर ले जाते समय 8 साल के लक्ष्य की भी मौत हो गई।
लक्ष्य ने एसएमएस अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो मासूम बच्चों की मौत से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
कोल्ड ड्रिंक गोदाम और रिहायशी मकान जलकर खाक
हादसे का शिकार हुए मनमोहन की गांव में कोल्ड ड्रिंक की एजेंसी है। वह सप्लाई के लिए अपनी दो ईको गाड़ियों का उपयोग करता था। उसके चचेरे भाई भगवान सिंह की पास में ही किराना दुकान है।
दोनों परिवार गोदाम के ऊपर बने मकान में एक साथ रहते थे। हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर में ही मौजूद थे। धमाके के बाद किसी को भी बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और सब झुलस गए।
आसपास के लोगों ने बताया कि धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा इलाका दहल गया। लोगों ने तुरंत अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी
हादसे की जानकारी मिलते ही कामां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश यादव और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और एफएसएल की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रसोई गैस सिलेंडर से गाड़ी में गैस भरी जा रही थी। धमाका इतना तेज था कि आग की लपटें सीधे ऊपर बने मकान तक पहुंच गईं। मामले की पूरी जांच की जा रही है।
हादसे में घायल हुए मनमोहन, उनकी पत्नी सरिता, भगवान सिंह, उनकी पत्नी नीरज और साक्षी का इलाज जारी है। इनमें से दो लोगों की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस अवैध गैस रिफिलिंग के पहलुओं की भी जांच कर रही है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी
यह हादसा एक बार फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। रिहायशी इलाके में इस तरह से गैस रिफिलिंग करना न केवल अवैध है, बल्कि जानलेवा भी साबित होता है।
प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था। इस घटना ने पूरे भरतपुर संभाग को हिलाकर रख दिया है। पीड़ित परिवार के घर अब सिर्फ मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है।
निष्कर्ष के तौर पर, यह घटना अवैध गैस रिफिलिंग के खतरों का एक भयावह उदाहरण है। दो मासूमों की जान जाने के बाद अब प्रशासन सख्त कार्रवाई की बात कह रहा है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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