भीलवाड़ा | राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां कारोई थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) विष्णु कुमार ने थाने की मेस में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
एएसआई ने थाने में की आत्महत्या: भीलवाड़ा: थाने की मेस में ASI ने लगाया फंदा, रात को साथ खाया था खाना
भीलवाड़ा के कारोई थाने में एएसआई विष्णु कुमार ने की आत्महत्या, पुलिस मामले की जांच में जुटी।
HIGHLIGHTS
- भीलवाड़ा के कारोई थाने की मेस में एएसआई विष्णु कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
- घटना से कुछ घंटे पहले एएसआई ने स्टाफ के साथ डिनर किया था और हंसी-मजाक भी किया था।
- परिजनों का कहना है कि विष्णु कुमार को किसी तरह का पारिवारिक या ड्यूटी का तनाव नहीं था।
- पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे को स्तब्ध कर दिया है। सुबह जब साथी कर्मचारी मेस में पहुंचे, तब इस दुखद घटना का पता चला। पुलिस अब सुसाइड के कारणों की तलाश कर रही है।
मेस में फंदे से लटका मिला शव
शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे जब पुलिस के जवान मेस में चाय-नाश्ते के लिए पहुंचे, तो उनके होश उड़ गए। एएसआई विष्णु कुमार का शव वहां फंदे से लटका हुआ था।
जवानों ने तुरंत इसकी सूचना थाना प्रभारी और उच्चाधिकारियों को दी। कुछ ही देर में वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पूरे थाने में सन्नाटा पसर गया।
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पुलिस ने तुरंत एफएसएल (FSL) टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने वहां से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। शव को उतारकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
रात को स्टाफ के साथ किया था डिनर
हैरानी की बात यह है कि आत्महत्या से कुछ घंटे पहले तक विष्णु कुमार बिल्कुल सामान्य थे। उन्होंने शुक्रवार रात करीब 10 बजे तक अपने साथियों के साथ वक्त बिताया।
एएसपी पारस जैन ने बताया कि विष्णु कुमार ने रात में स्टाफ के साथ हंसी-मजाक किया और डिनर भी किया। इसके बाद वे अपने क्वार्टर चले गए थे।
पुलिस का अनुमान है कि आधी रात के बाद वे चुपचाप क्वार्टर से निकलकर थाने की मेस में पहुंचे। वहां उन्होंने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
परिजनों ने कहा- कोई तनाव नहीं था
विष्णु कुमार मूल रूप से सीकर के रानोली के रहने वाले थे। उनके भाई नरेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8:45 बजे उनकी विष्णु से फोन पर बात हुई थी।
नरेंद्र के अनुसार, बातचीत के दौरान विष्णु बिल्कुल सामान्य लग रहे थे। न तो ड्यूटी का कोई तनाव था और न ही परिवार में किसी तरह का कोई विवाद चल रहा था।
उन्होंने बताया कि घर का माहौल हमेशा की तरह सामान्य था। शाम को दोनों भाइयों की पत्नियां भी साथ में खाना खाती हैं। ऐसी कोई बात नहीं थी जिससे परेशानी झलके।
विष्णु के पिता हुकुम सिंह जयपुर पुलिस से रिटायर हुए हैं। विष्णु के दो बेटे हैं और परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था। इस कदम से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
पुलिस विभाग में शोक की लहर
विष्णु कुमार एक कर्मठ अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। उनकी अचानक मौत ने उनके सहकर्मियों को हिला कर रख दिया है। थाने के कर्मचारी उनकी मिलनसारिता को याद कर रहे हैं।
"विष्णु कुमार एक बेहद कर्मठ और मिलनसार अधिकारी थे। रात तक वे सबके साथ सामान्य थे, अचानक ऐसा क्यों हुआ, इसकी हम गहनता से जांच कर रहे हैं।" - पारस जैन, एएसपी
पुलिस अब उनके मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य संपर्कों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट नहीं मिलने से गुत्थी और उलझ गई है।
निष्कर्ष
यह घटना पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्य के दबाव पर भी सवाल उठाती है। एक हंसमुख और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी का इस तरह चले जाना समाज और विभाग के लिए बड़ी क्षति है।
फिलहाल पुलिस परिजनों के आने का इंतजार कर रही है। उनके आने के बाद ही पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी और शव परिजनों को सौंपा जाएगा। जांच जारी है।
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