रेड बुल पर एक्शन: बीकानेर में रेड बुल पर छापा, 608 कैन जब्त
बीकानेर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने रानी बाजार स्थित एक प्रतिष्ठान पर छापा मारकर रेड बुल के 608 कैन जब्त किए। नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
HIGHLIGHTS
- बीकानेर में रेड बुल पर बड़ी कार्रवाई: खाद्य सुरक्षा विभाग ने रानी बाजार में छापा मारकर कैफिनेटेड बेवरेज 'रेड बुल' के 608 कैन सीज किए।
- भ्रामक प्रचार का आरोप: FSSAI के नियमों के तहत 'एनर्जी ड्रिंक' या 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' जैसे दावे भ्रामक माने जाते हैं, जिसके चलते यह कार्रवाई हुई।
- स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं: अधिकारियों ने बताया कि अधिक कैफीन युक्त पेय गर्भवती महिलाओं, बच्चों और कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
- जांच के लिए भेजे गए नमूने: जब्त किए गए उत्पाद से नमूने लेकर बीकानेर की जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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बीकानेर | राज्य में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत बीकानेर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक प्रतिष्ठान पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में कैफिनेटेड बेवरेज 'रेड बुल' को जब्त किया है।
क्या है पूरा मामला?
सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई विभाग की आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन में की गई। टीम ने मैसर्स बोथरा एंड संस के प्रतिष्ठान और गोदाम का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान, टीम ने कैफिनेटेड बेवरेज रेड बुल का खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSSAI अधिनियम) के तहत एक नमूना लिया।
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जांच रिपोर्ट आने तक 608 कैन सीज
अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक, एहतियात के तौर पर उक्त उत्पाद के कुल 608 कैन सीज कर दिए गए हैं। लिए गए नमूने को आगे की जांच के लिए बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।
FSSAI के नियमों का उल्लंघन
डॉ. साध ने इस कार्रवाई के पीछे के कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों के अनुसार, किसी भी कैफिनेटेड बेवरेज के लेबल पर कुछ खास तरह के दावों का उल्लेख करना प्रतिबंधित है।
भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आते हैं ये दावे
FSSAI के मुताबिक, “स्टिम्युलेट्स माइंड” (दिमाग को उत्तेजित करता है), “एनर्जाइज बॉडी” (शरीर को ऊर्जा देता है), “एनर्जी ड्रिंक” या “स्पोर्ट्स ड्रिंक” जैसे दावे भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आते हैं।
इसी मुद्दे को लेकर FSSAI द्वारा देश के कई प्रमुख बेवरेज ब्रांडों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा जा चुका है।

स्वास्थ्य पर पड़ सकता है प्रतिकूल प्रभाव
डॉ. साध ने यह भी बताया कि अधिक कैफीन युक्त ऐसे पेय पदार्थ कुछ समूहों के लिए स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इनमें गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं, बच्चे और वे व्यक्ति शामिल हैं जो कैफीन के प्रति संवेदनशील हैं।
खाद्य सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा, भानु प्रताप सिंह, सुरेंद्र कुमार तथा राकेश गोदारा शामिल थे।
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