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राजस्थान

बॉम्बे ब्लड ग्रुप: 10 लाख में 1 को होता है यह रेयर ब्लड

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

जयपुर के एक निजी अस्पताल में बॉम्बे ब्लड ग्रुप वाले मरीज की मौत हो गई। यह ब्लड ग्रुप 10 लाख लोगों में से किसी एक में पाया जाता है।

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HIGHLIGHTS

  • बॉम्बे ब्लड ग्रुप दुनिया में 10 लाख लोगों में से केवल 1 व्यक्ति में पाया जाता है।
  • इस ब्लड ग्रुप की पहचान सबसे पहले 1952 में मुंबई में डॉ. वाई.एम. भेंडे ने की थी।
  • सामान्य लैब टेस्ट में यह ब्लड ग्रुप ओ (O) ग्रुप जैसा ही दिखाई देता है, जिससे पहचान मुश्किल होती है।
  • गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने से नसें ब्लॉक हो सकती हैं और किडनी फेल होने का खतरा रहता है।
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जयपुर | डायबिटीज से जूझ रहे एक व्यक्ति की जयपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। मरीज को हीमोग्लोबिन की कमी के कारण खून की जरूरत थी, लेकिन बॉम्बे ब्लड ग्रुप होने के कारण समय पर खून नहीं मिल सका।

क्या है बॉम्बे ब्लड ग्रुप?

इंसान के खून में 'H एंटीजन' नामक प्रोटीन होता है, जो ब्लड ग्रुप A, B या O तय करता है। बॉम्बे ब्लड ग्रुप वाले लोगों में यह H एंटीजन पूरी तरह अनुपस्थित होता है।

इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सामान्य लैब टेस्ट में यह ब्लड ग्रुप 'O' ग्रुप जैसा ही दिखता है। इस कारण आम जांच में इसका पता नहीं चल पाता है।

इतिहास और खोज

इस दुर्लभ ब्लड ग्रुप की खोज साल 1952 में मुंबई में हुई थी। डॉ. वाई.एम. भेंडे ने इसे पहली बार खोजा था, जिसके कारण इसका नाम बॉम्बे ब्लड ग्रुप पड़ा।

कितना दुर्लभ है यह?

मेडिकल साइंस के अनुसार, यह दुनिया भर में 10 लाख लोगों में से केवल 1 व्यक्ति में पाया जाता है। राजस्थान में इसके मरीजों का कोई सटीक डेटा उपलब्ध नहीं है।

हालांकि, एक जर्नल के मुताबिक उत्तर भारत में लगभग 30 हजार लोग इस ब्लड ग्रुप वाले हो सकते हैं।

समय पर खून न मिलने का खतरा

बॉम्बे ब्लड ग्रुप के मरीजों को सामान्य ब्लड नहीं चढ़ाया जा सकता। यदि गलती से दूसरा खून चढ़ाया जाए, तो शरीर की नसें ब्लॉक हो सकती हैं।

  • किडनी समेत अन्य अंग खराब हो सकते हैं।
  • मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।

जांच और सावधानी

ब्लड सेफ्टी के डिप्टी डायरेक्टर केसरी सिंह के अनुसार, ब्लड बैंकों को डोनर्स के रेयर ब्लड ग्रुप का रजिस्टर मेंटेन करना चाहिए।

इस ब्लड ग्रुप की पुष्टि के लिए एंटी-एच लेक्टिन और सलाइवा का उपयोग करके विशेष जांच की जाती है।

*Edit with Google AI Studio

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