thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
भारत

चीन-रूस की चेतावनी: होर्मुज की नाकेबंदी पर चीन और रूस ने अमेरिका को दी खुली चेतावनी, सहयोगी देशों ने भी बनाई दूरी

बलजीत सिंह शेखावत

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक तनाव चरम पर है। चीन और रूस ने अमेरिका को सख्त संदेश दिया है, जबकि ब्रिटेन और फ्रांस जैसे सहयोगियों ने सैन्य कार्रवाई से हाथ खींच लिए हैं।

HIGHLIGHTS

  • चीन ने अमेरिका को जहाजों की आवाजाही में दखल न देने की सख्त चेतावनी दी है।
  • रूस के अनुसार होर्मुज में रुकावट से वैश्विक बाजारों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
  • ब्रिटेन, फ्रांस और इटली जैसे अमेरिकी सहयोगियों ने सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाई।
  • रूस ने संकट टालने के लिए ईरान को यूरेनियम सौंपने का नया प्रस्ताव दिया है।
china russia warn us hormuz strait blockade allies distance

तेहरान | होर्मुज जलडमरूमध्य की संभावित नाकेबंदी को लेकर वैश्विक राजनीति में तनाव काफी तेज़ हो गया है। इस मुद्दे पर चीन ने अमेरिका को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है।

चीन का सख़्त संदेश

चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ चीन के दीर्घकालिक व्यापार और ऊर्जा करार हैं। उन्होंने कहा कि होर्मुज मार्ग चीन के लिए पूरी तरह खुला है। चीन ने उम्मीद जताई कि अन्य देश उसके रणनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। चीनी जहाज़ बिना किसी बाधा के इस क्षेत्र से निरंतर आ-जा रहे हैं, जिससे बीजिंग पीछे नहीं हटेगा।

रूस भी अमेरिका के खिलाफ

सिर्फ चीन ही नहीं, रूस ने भी होर्मुज की नाकेबंदी को लेकर अमेरिका को सख़्त चेतावनी दी है। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस पर अपनी गंभीर चिंता जताई है। पेस्कोव के अनुसार, इस जलमार्ग में किसी भी तरह की रुकावट का वैश्विक बाज़ारों पर सीधा असर पड़ेगा। होर्मुज अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम है और इसमें अस्थिरता घातक होगी।

सहयोगी देशों ने बनाई दूरी

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी देश भी अब उससे दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने साफ किया कि वे अमेरिका का साथ नहीं देंगे। कनाडा ने अपने रक्षा बजट का 70% हिस्सा अमेरिका को न देने का फैसला किया है। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सैन्य कार्रवाई के बजाय शांति मिशन पर ज़ोर दिया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी सैन्य कदमों की बजाय कूटनीति से तनाव कम करने की बात कही है। ट्रंप के पुराने साथी अब औपचारिक रूप से पीछे हटते नज़र आ रहे हैं।

रूस की बड़ी पहल

रूस ने ईरान संकट को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। रूस ने कहा है कि अगर ईरान चाहे तो अपना संवर्धित यूरेनियम रूस को सौंप सकता है ताकि तनाव कम हो सके। अमेरिका अपनी शर्त पर अड़ा है कि जब तक ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म नहीं होता, युद्ध समाप्त नहीं होगा। अब देखना यह है कि ईरान रूस के इस प्रस्ताव पर क्या फैसला लेता है।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें