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राजस्थान

चूरू में शौर्य का संकल्प: चूरू में उमड़ा जनसैलाब: लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा का अनावरण, पराक्रम सिंह राठौड़ ने भरी विकास और शौर्य की हुंकार

प्रदीप बीदावत

चूरू में 'शौर्य के साथ संकल्प दिवस' पर आयोजित भव्य समारोह में भाजपा जिला महामंत्री पराक्रम सिंह राठौड़ ने लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह के योगदान को याद किया। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा स्टेडियम के नामकरण और केंद्र की विकास योजनाओं पर प्रकाश डाला।

HIGHLIGHTS

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चूरू स्टेडियम का नाम बदलकर 'लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ स्टेडियम' किया।
  • शेखावाटी क्षेत्र के 1200 से अधिक शहीदों के सम्मान में भव्य वॉर मेमोरियल का उद्घाटन हुआ।
  • पराक्रम सिंह ने 1971 के युद्ध और 1961 के गोवा मुक्ति संग्राम में सगत सिंह के नेतृत्व को सराहा।
  • हथनी कुंड पाइपलाइन परियोजना से चूरू, सीकर और झुंझुनू की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होगा।

चूरू | राजस्थान के चूरू जिले में बुधवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। यहाँ 'शौर्य के साथ संकल्प दिवस' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा के जिला महामंत्री पराक्रम सिंह राठौड़ ने जनता को संबोधित किया।

अतिथियों का सम्मान और जनता का आभार

पराक्रम सिंह ने अपने संबोधन की शुरुआत मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों के सम्मान के साथ की। उन्होंने पूर्व मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं का स्वागत किया।

भीषण गर्मी के बावजूद कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। पराक्रम सिंह ने जनता के इस अपार प्यार और समर्थन के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि चूरू की जनता का यह उत्साह दर्शाता है कि वे अपने वीरों का सम्मान करना जानते हैं। यह जनसैलाब शेखावाटी की अटूट देशभक्ति का प्रमाण है।

सगत सिंह राठौड़ को मिली सच्ची श्रद्धांजलि

पराक्रम सिंह ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्णय की जमकर सराहना की। मुख्यमंत्री ने जिला स्टेडियम का नाम बदलकर 'लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ स्टेडियम' कर दिया है।

उन्होंने भामाशाह गौरी शंकर मंडावाला और उनके परिवार का भी विशेष आभार जताया। मंडावाला परिवार ने अपनी निजी पूंजी से एक भव्य 'वॉर मेमोरियल' का निर्माण करवाया है।

यह मेमोरियल आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति की प्रेरणा का केंद्र बनेगा। यहाँ युवा अपने शहीदों की शौर्य गाथाओं से रूबरू हो सकेंगे और सेना में जाने के लिए प्रेरित होंगे।

शेखावाटी का गौरवशाली इतिहास

भाषण के दौरान पराक्रम सिंह ने शेखावाटी क्षेत्र के गौरवशाली सैन्य इतिहास को याद किया। उन्होंने बताया कि यह वह धरती है जिसने देश को अनगिनत वीर सपूत दिए हैं।

आज़ादी के बाद से अब तक इस क्षेत्र के 1200 से अधिक वीरों ने देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दिया है। सगत सिंह जी की मूर्ति लगाना इसी गौरव को सम्मान देना है।

उन्होंने साझा किया कि सगत सिंह जी की प्रतिमा स्थापित करने का विचार कैसे आया। यह विचार आज एक भव्य वास्तविकता के रूप में सबके सामने खड़ा है।

सुरक्षित भारत और आधुनिक सेना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की चर्चा करते हुए उन्होंने रक्षा बजट में हुई वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज भारत की सेना पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली है।

आज हमारी सेना अत्याधुनिक हथियारों से लैस है और सर्जिकल व एयर स्ट्राइक करने में सक्षम है। दुनिया भर में जारी तनाव के बीच आज भारत पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है।

पराक्रम सिंह ने जोर देकर कहा कि अब दुश्मन भारत की तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं करता। यह सब मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण ही संभव हो पाया है।

लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह की शौर्य गाथा

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध को याद करते हुए उन्होंने सगत सिंह के अदम्य साहस का वर्णन किया। सगत सिंह ने मात्र कुछ सिपाहियों के साथ मेघना नदी पार कर ली थी।

उनकी इसी रणनीति ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) की विजय में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने ढाका तक अपनी धमक पहुंचाई थी।

इसके अलावा, 1961 के 'ऑपरेशन विजय' में भी उनका योगदान अतुलनीय रहा। उन्होंने गोवा को 350 साल की पुर्तगाली गुलामी से आज़ाद कराने में ऐतिहासिक नेतृत्व प्रदान किया था।

जल संकट का स्थायी समाधान

क्षेत्र की समस्याओं पर बात करते हुए उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री भागीरथ चौधरी का स्वागत किया। उन्होंने हथिनी कुंड पाइपलाइन परियोजना और बड़े बांधों के निर्माण का जिक्र किया।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस बड़ी योजना से चूरू, सीकर और झुंझुनू की पानी की समस्या खत्म होगी। प्यासी धरती को अब सिंचाई और पीने के लिए पर्याप्त जल मिलेगा।

यह परियोजना इस क्षेत्र के किसानों और आम जनता के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। सरकार जल संकट को दूर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है।

चूरू से गहरा और भावुक नाता

भाषण के अंत में पराक्रम सिंह थोड़े भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके और उनके पिता राजेंद्र राठौड़ के लिए चूरू की जनता सिर्फ मतदाता नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह जनता हमारा अपना परिवार है। हमने अपनी हर होली और दिवाली इसी जनता के बीच मनाई है। यह अटूट रिश्ता राजनीतिक नहीं बल्कि भावनात्मक है।

उन्होंने वादा किया कि उनका परिवार भविष्य में भी चूरू की सेवा इसी तरह करता रहेगा। जनता की समस्याओं का समाधान करना ही उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य है।

समारोह में दिग्गजों की उपस्थिति

इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ कई बड़े नेता मौजूद रहे। इनमें सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला प्रमुख थे।

कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत और देवेंद्र झाझड़िया भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक राजेंद्र राठौड़ को जन्मदिन की बधाई भी दी।

मुख्यमंत्री ने जनरल सगत सिंह की प्रतिमा और उनकी जीवनी पर आधारित शिलापट का अवलोकन किया। उन्होंने नवनिर्मित वॉर मेमोरियल का विधिवत उद्घाटन कर शहीदों को नमन किया।

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