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राजनीति

सीपी जोशी की अधिकारियों को चेतावनी: राजस्थान: 'हद पार की तो होगा हिसाब', सीपी जोशी ने भ्रष्ट अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी, संगठन में बड़े बदलाव के संकेत

मानवेन्द्र जैतावत

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने नाथद्वारा में अधिकारियों को चेतावनी दी है कि कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संगठन की मजबूती और भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया।

HIGHLIGHTS

  • डॉ. सीपी जोशी ने कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय करने वाले अधिकारियों को 'हिसाब' की चेतावनी दी।
  • भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का संकल्प लिया।
  • तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों को पद से स्वतः हटा हुआ माना जाएगा।
  • एक माह के भीतर जिलाध्यक्ष को नई कार्यकारिणी और ग्राम पंचायत इकाइयों का गठन करना होगा।
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राजसमंद | राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने एक बार फिर अपने तेवर तीखे कर लिए हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे अपनी सीमाओं में रहकर कार्य करें।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी

कांग्रेस के 'संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत नाथद्वारा के रामपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में डॉ. जोशी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने गंभीरता के साथ कहा कि इस क्षेत्र में जो अधिकारी भ्रष्टाचार कर रहे हैं, उनके भ्रष्टाचार का हिसाब बराबर किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि वे अकेले नहीं हैं। डॉ. जोशी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो अधिकारी कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ हद पार करके अन्याय करेगा, उसका हिसाब जरूर लिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निष्पक्ष रहने की नसीहत दी।

संगठन में अनुशासन के नए मानक

बैठक के दौरान डॉ. जोशी ने संगठन की मजबूती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता जब संगठित होकर कार्य करता है, तभी निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती है। पार्टी में अनुशासन लाने के लिए उन्होंने एक कड़ा नियम लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब तक लोग केवल अपने नाम से पद पर बने रहते थे, लेकिन अब काम करना होगा। नियम के अनुसार, यदि कोई पदाधिकारी ब्लॉक, मंडल या जिला स्तर पर लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहता है, तो उसे थका हुआ मान लिया जाएगा। ऐसे पदाधिकारी को पद से मुक्त कर दिया जाएगा।

सूचना क्रांति और राहुल गांधी का नेतृत्व

डॉ. जोशी ने आधुनिक राजनीति में बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस में बड़े परिवर्तन हो रहे हैं। अब सूचना क्रांति का युग आ चुका है। उन्होंने बताया कि अब पार्टी का हर कार्यक्रम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड हो रहा है। जो पदाधिकारी जमीन पर काम करेगा, उसकी रिपोर्ट सीधे नेतृत्व तक पहुंचेगी और वह आगे बढ़ेगा। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अब राजनीति में केवल सक्रियता ही सफलता की कुंजी है। निष्क्रिय लोगों के लिए संगठन में अब कोई स्थान नहीं बचा है, नए चेहरों को मौका मिलेगा।

कार्यकारिणी गठन का लक्ष्य

संगठन विस्तार की योजना साझा करते हुए उन्होंने कहा कि एक माह के भीतर जिलाध्यक्ष को नई कार्यकारिणी का गठन करना होगा। यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। इसके साथ ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और मंडल कांग्रेस कमेटी को ग्राम पंचायत इकाई तथा वार्ड अध्यक्षों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पार्टी की पकड़ निचले स्तर तक मजबूत होगी। जिलाध्यक्ष आदित्यप्रताप सिंह ने बैठक में कहा कि उन्हें डॉ. सीपी जोशी के विकास कार्यों को लेकर पंचायतीराज के माध्यम से जनता के बीच जाना है और प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों का पालन करना है।

नेताओं ने भरा कार्यकर्ताओं में जोश

पूर्व जिलाध्यक्ष देवकीनंदन गुर्जर ने गांधीजी का उदाहरण देते हुए कहा कि शुरुआत अकेले होती है, लेकिन जब लक्ष्य नेक हो तो कारवां अपने आप जुड़ता चला जाता है। बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी, मंडल अध्यक्ष लक्ष्मीलाल मेनारिया और संगठन महामंत्री महेंद्रसिंह गोरवा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने एकजुटता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शूरवीर सिंह, अंबालाल गाडरी, प्यारेलाल जोशी, माधवलाल अहीर और रमेश दाधीच जैसे प्रमुख नेता उपस्थित रहे। महिला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गौरी चौधरी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

भविष्य की रणनीति

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं में नया जोश भरना और आगामी चुनावों के लिए जमीन तैयार करना था। डॉ. जोशी के कड़े रुख से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. जोशी का यह बयान सीधे तौर पर सत्ता पक्ष और प्रशासन को एक संदेश है। वे कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। अंत में, डॉ. जोशी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता की समस्याओं को उठाएं और सरकार की विफलताओं को उजागर करें। संगठन की शक्ति ही लोकतंत्र को बचाने का एकमात्र रास्ता है।

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