मुंबई | मशहूर टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में दयाबेन का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री दिशा वकानी के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है।
दिशा वकानी के पिता और जाने-माने थिएटर आर्टिस्ट भीम वकानी का निधन हो गया है। इस खबर के बाद से ही मनोरंजन जगत और दिशा के प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
भीम वकानी 84 वर्ष के थे और उन्होंने मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे अपनी अंतिम सांस ली। वे पिछले काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे।
दयाबेन के पिता भीम वकानी का निधन: तारक मेहता की 'दयाबेन' पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता भीम वकानी का 84 साल की उम्र में निधन, बॉलीवुड के इन बड़े सितारों संग किया था काम
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' फेम दिशा वकानी के पिता भीम वकानी का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार थे और उन्होंने कई बॉलीवुड दिग्गजों के साथ काम किया था।
HIGHLIGHTS
- दिशा वकानी के पिता भीम वकानी का 84 साल की उम्र में मंगलवार सुबह निधन हो गया।
- भीम वकानी पिछले डेढ़ साल से पैरालिसिस और हाल ही में निमोनिया से जूझ रहे थे।
- वे एक दिग्गज गुजराती थिएटर कलाकार थे और उन्होंने शाहरुख-आमिर के साथ काम किया था।
- दिशा वकानी अपने पिता के बेहद करीब थीं और इस खबर से पूरे टीवी जगत में शोक की लहर है।
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लंबी बीमारी के बाद ली अंतिम सांस
भीम वकानी के परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, वे पिछले डेढ़ साल से पैरालिसिस (लकवा) की समस्या से जूझ रहे थे। उनकी हालत काफी समय से नाजुक बनी हुई थी।
हाल ही में उन्हें निमोनिया की शिकायत भी हुई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पिता के जाने से दिशा वकानी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पिता के बेहद करीब थीं और अक्सर उनसे जीवन और अभिनय के क्षेत्र में सलाह लिया करती थीं।
बॉलीवुड के बड़े सितारों संग किया काम
भीम वकानी सिर्फ दिशा के पिता ही नहीं थे, बल्कि वह खुद भी अभिनय की दुनिया का एक बहुत बड़ा और सम्मानित नाम थे। उन्होंने शोबिज में लंबी पारी खेली थी।
उन्होंने हिंदी सिनेमा के कई बड़े सुपरस्टार्स के साथ स्क्रीन साझा की थी। इनमें शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे दिग्गज अभिनेताओं के नाम शामिल हैं।
भीम वकानी ने माधुरी दीक्षित के साथ भी काम किया था। वे एक ऐसे बहुमुखी अभिनेता थे जो हर किरदार में अपनी छाप छोड़ने के लिए जाने जाते थे।
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गुजराती थिएटर का दिग्गज कलाकार
भीम वकानी को मुख्य रूप से गुजराती थिएटर के लिए जाना जाता था। उन्होंने दशकों तक रंगमंच की सेवा की और कई यादगार नाटकों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
उनकी अभिनय शैली इतनी प्रभावशाली थी कि नए कलाकार उन्हें अपना आदर्श मानते थे। थियेटर की दुनिया में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
उन्होंने न केवल अभिनय किया, बल्कि कई नाटकों के निर्देशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी कला के प्रति निष्ठा ने ही दिशा वकानी को प्रेरित किया था।
विरासत में मिला अभिनय का हुनर
दिशा वकानी ने अभिनय के गुण अपने पिता से ही विरासत में पाए थे। भीम वकानी ने ही दिशा को बचपन से ही अभिनय की बारीकियां सिखाई थीं और उन्हें प्रोत्साहित किया था।
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में दिशा की अपार सफलता के पीछे उनके पिता का बड़ा हाथ रहा है। वे हमेशा अपनी बेटी के काम को करीब से देखते और सराहते थे।
दिशा के घर पर फिलहाल सन्नाटा पसरा हुआ है। उनके करीबी रिश्तेदार और मनोरंजन जगत के दोस्त उन्हें सांत्वना देने और अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
प्रशंसकों और सितारों ने दी श्रद्धांजलि
सोशल मीडिया पर जैसे ही यह खबर फैली, दिशा वकानी के फैंस ने भीम वकानी को श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई है।
लोग भीम वकानी के पुराने नाटकों और फिल्मों के दृश्यों को साझा कर रहे हैं। फैंस दिशा को इस कठिन समय में हिम्मत रखने और मजबूत बने रहने की सलाह दे रहे हैं।
टीवी इंडस्ट्री और बॉलीवुड के कई कलाकारों ने भी भीम वकानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। कलाकारों ने कहा कि यह कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
कला जगत में एक खालीपन
भीम वकानी का जाना केवल एक परिवार की हानि नहीं है, बल्कि उस पीढ़ी के एक महान कलाकार का अंत है जिसने रंगमंच को अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी।
गुजराती फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ कलाकारों ने भी उन्हें एक मार्गदर्शक और बेहतरीन इंसान बताया है। उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे भरना नामुमकिन होगा।
दिशा वकानी जो लंबे समय से टीवी की दुनिया से ब्रेक पर हैं, इस समय पूरी तरह से अपने परिवार और पिता की यादों के साथ समय बिता रही हैं।
भीम वकानी की यादें अब उनके चाहने वालों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी। उनका अनुशासन और कला के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
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