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दीया कुमारी का सफलता मंत्र: जयपुर में स्टूडेंट्स के बीच पहुंचीं डिप्टी सीएम दीया कुमारी: बोलीं- सिर्फ पढ़ाई नहीं, अच्छे संस्कार और अनुशासन से मिलती है सफलता

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उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जयपुर के एक स्कूल में छात्रों से संवाद करते हुए उन्हें जीवन में संस्कारों, अनुशासन और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया।

HIGHLIGHTS

  • उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जयपुर के महाराजा सवाई भवानी सिंह विद्यालय का दौरा किया।
  • उन्होंने छात्रों को बताया कि सफलता के लिए केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि संस्कार और अनुशासन भी जरूरी हैं।
  • दीया कुमारी ने स्कूल में चल रहे स्टार्टअप प्रोजेक्ट्स और उद्यमिता कौशल की जमकर सराहना की।
  • कार्यक्रम के दौरान छात्रों द्वारा प्रस्तुत कथक नृत्य ने उपमुख्यमंत्री का मन मोह लिया।
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जयपुर | राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी मंगलवार को जयपुर के जगतपुरा स्थित महाराजा सवाई भवानी सिंह विद्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने विद्यार्थियों के साथ न केवल समय बिताया, बल्कि उनके साथ एक आत्मीय संवाद भी किया।

भव्य स्वागत और छात्र संवाद

उपमुख्यमंत्री के विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्या वैदेही सिंह ने उनका भव्य स्वागत किया। शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने भी दीया कुमारी का अत्यंत उत्साहपूर्ण अभिनंदन किया। इस दौरान विद्यालय के पारंपरिक संस्कारों और मूल्यों की एक सुंदर झलक देखने को मिली। उपमुख्यमंत्री ने छात्र परिषद के सदस्यों से मुलाकात कर उनके अनुभवों को विस्तार से जाना। उन्होंने विद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। दीया कुमारी छात्रों के आत्मविश्वास को देखकर काफी प्रभावित नजर आईं।

कौशल विकास और स्टार्टअप्स पर जोर

अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने विद्यालय में उद्यमिता कौशल और स्टार्टअप परियोजनाओं की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युग में कौशल विकास बहुत जरूरी है। सामुदायिक सेवा और कला शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को भी उन्होंने सराहा। उनके अनुसार, ऐसे प्रयास विद्यार्थियों को केवल अकादमिक रूप से ही नहीं बल्कि व्यवहारिक रूप से भी तैयार करते हैं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव प्राप्त करना अनिवार्य है। इससे व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है।

सांस्कृतिक प्रतिभा की सराहना

इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों की ओर से एक आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कथक नृत्य की भावपूर्ण और शानदार प्रस्तुति रही। उपमुख्यमंत्री ने इस शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति से जुड़ाव छात्रों के मानसिक विकास में सहायक होता है। विद्यार्थियों की प्रतिभा और उनके मंच पर प्रदर्शन के साहस ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दीया कुमारी ने छात्रों को अपनी कला को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया।

सफलता के लिए संस्कारों की अहमियत

दीया कुमारी ने विद्यार्थियों को सफलता का मूलमंत्र देते हुए कहा कि कामयाबी सिर्फ पढ़ाई से नहीं मिलती। इसके लिए अच्छे संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक सोच का होना भी अनिवार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ों का सम्मान करने और एक मजबूत चरित्र निर्माण करने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अनुशासन ही व्यक्ति को महान बनाता है। अपने लक्ष्यों को पाने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि हार से डरना नहीं चाहिए। सकारात्मक सोच के साथ हर मुश्किल को आसान बनाया जा सकता है।

जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख

अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने छात्रों से जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश और समाज के विकास में युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। उपमुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि जीवन में दिल और दिमाग का संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इससे सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। अंत में उन्होंने स्वच्छता, अनुशासन और सकारात्मकता को उज्ज्वल भविष्य की कुंजी बताया। उन्होंने छात्रों को विश्वास दिलाया कि मेहनत और ईमानदारी से हर सपना सच हो सकता है।

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