डूंगरपुर | राजस्थान के डूंगरपुर जिले से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहां बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के मांडवा बियोला गांव में एक मासूम की जान खेल-खेल में चली गई। 9 वर्षीय बालक अपने घर के बाहर पेड़ पर झूला झूल रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसल गया। झूले की रस्सी उसके गले में फंदा बनकर फंस गई।
झूला झूलते समय मासूम की मौत: राजस्थान के डूंगरपुर में दर्दनाक हादसा: झूला झूलते समय गले में फंसा फंदा, 9 वर्षीय मासूम की मौत
डूंगरपुर के बिछीवाड़ा में झूला झूलते समय एक 9 वर्षीय बालक की जान चली गई। खेलते समय अचानक पैर फिसलने से रस्सी गले में फंदा बन गई, जिससे यह दुखद घटना घटी।
HIGHLIGHTS
- डूंगरपुर के मांडवा बियोला गांव में झूला झूलते समय 9 वर्षीय निकुल की मौत हो गई।
- पैर फिसलने के कारण झूले की रस्सी मासूम के गले में फंदा बनकर कस गई।
- बड़े भाई के शोर मचाने पर ग्रामीण पहुंचे, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
- बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
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कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान निकुल के रूप में हुई है। वह सोहन कलासुआ का पुत्र था। शनिवार को वह घर के पास ही एक पेड़ पर रस्सी का झूला बनाकर खेल रहा था। झूलते समय अचानक निकुल का पैर फिसल गया। रस्सी उसके गले में इस कदर कसी कि उसे संभलने का मौका नहीं मिला। वह फंदे पर लटक गया और तड़पने लगा।
बड़े भाई ने मचाया शोर
हादसे के समय निकुल का बड़ा भाई अंकित वहीं मौजूद था। अपने छोटे भाई को इस हालत में देख वह घबरा गया। उसने तुरंत जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया ताकि कोई मदद के लिए आए। अंकित की चीखें सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और परिवार के सदस्य दौड़कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत रस्सी काटकर निकुल को नीचे उतारा।
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अस्पताल पहुंचने से पहले टूटी सांसें
परिजन और ग्रामीण घायल अवस्था में निकुल को लेकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। वहां आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने उसकी गहन जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही बिछीवाड़ा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। पिता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया है। एएसआई शिशुपाल सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह एक दुर्घटना लग रही है। परिजनों ने भी किसी पर कोई संदेह व्यक्त नहीं किया है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
सुरक्षा को लेकर बड़ी चेतावनी
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर बच्चे अकेले सुनसान जगहों पर या खतरनाक तरीके से खेलते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को अकेले झूला झूलने या ऊंचाई पर खेलने से रोकना चाहिए। खेलते समय बड़ों की निगरानी बेहद जरूरी है ताकि ऐसी अनहोनी को टाला जा सके। यह घटना क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। खेल-कूद के दौरान छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
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