जयपुर | विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की शुरुआत की। जयपुर स्थित प्रदेश मुख्यालय के बाहर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में पौधारोपण कर इस राष्ट्रव्यापी अभियान का आगाज किया गया।
एक पेड़ माँ के नाम अभियान: "एक पेड़ माँ के नाम": भाजपा का पर्यावरण संरक्षण महाअभियान
विश्व पर्यावरण दिवस पर भाजपा का "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान। मदन राठौड़ ने कहा- पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाएं।
HIGHLIGHTS
- विश्व पर्यावरण दिवस पर भाजपा का "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान।
- प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने जयपुर में किया पौधारोपण।
- राठौड़ ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
- कहा- एक पेड़ काटने के बदले 20 पौधे लगाने का है प्रावधान।
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"एक पेड़ माँ के नाम": मातृत्व और प्रकृति का सम्मान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अनूठी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रकृति संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृत्व के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है।
इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। राठौड़ ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रदेश के हर जिले और मंडल स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी आम लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना है।
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पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन
मदन राठौड़ ने इस बात पर जोर दिया कि केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों का जीवित रहना सुनिश्चित करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
"हमारा लक्ष्य लगाए गए पौधों का सर्वाइवल रेट शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना है। इसके लिए नियमित निगरानी और देखभाल की व्यवस्था की जा रही है," राठौड़ ने कहा।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को एक औपचारिक कार्यक्रम न मानकर इसे एक जन आंदोलन का रूप दें। हर व्यक्ति को इस अभियान से जुड़कर पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।
विकास और पर्यावरण में संतुलन: राठौड़ का गहलोत को जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक बयान पर पलटवार करते हुए मदन राठौड़ ने सरकार की नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए यदि कोई पेड़ काटना भी पड़ता है, तो सरकार संतुलन बनाकर चलती है।
राठौड़ ने बताया कि नियमों के अनुसार, विकास परियोजनाओं के लिए एक पेड़ काटने के बदले 20 नए पौधे लगाने की अनिवार्य शर्त है। यह शर्त सड़क चौड़ीकरण से लेकर औद्योगिक विकास तक सभी परियोजनाओं पर लागू होती है।
उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों को न केवल पौधारोपण करना होता है, बल्कि इसका प्रमाण भी प्रस्तुत करना पड़ता है। यह कदम विकास और पर्यावरण के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए उठाया गया है।
अंत में, राठौड़ ने सभी से "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की, ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक हरा-भरा और स्वच्छ वातावरण दे सकें।
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