नई दिल्ली | फीफा विश्व कप 2026 में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सोमवार को खेले गए राउंड ऑफ-32 के एक रोमांचक मुकाबले में, 41वीं रैंक वाली पैराग्वे ने चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
फीफा विश्व कप 2026:: पैराग्वे ने जर्मनी को हराकर रचा इतिहास
फीफा विश्व कप 2026 में बड़ा उलटफेर, पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को 4-3 से हराया।
HIGHLIGHTS
- पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को 4-3 से हराया।
- जर्मनी पहली बार विश्व कप में पेनल्टी शूटआउट में हारा।
- 41वीं रैंक की पैराग्वे ने 10वीं रैंक की जर्मनी को बाहर किया।
- काई हावर्ट्ज ने जर्मनी के लिए पहला पेनल्टी शॉट गंवाया।
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पहले हाफ में पैराग्वे का दबदबा
मैच की शुरुआत से ही पैराग्वे की टीम ने मजबूत इरादे दिखाए। उन्होंने जर्मन टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा।
खेल के 42वें मिनट में पैराग्वे को इसका फायदा मिला। जूलियो एन्सिसो ने एक शानदार हेडर लगाकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी।
पहले हाफ में जर्मनी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। टीम कोई भी बड़ा मौका बनाने में नाकाम रही और बराबरी का गोल नहीं कर सकी।
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जर्मनी की वापसी और VAR का ड्रामा
दूसरे हाफ की शुरुआत में जर्मनी ने वापसी की कोशिशें तेज कर दीं। मैच के 53वें मिनट में काई हावर्ट्ज ने गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके कुछ ही देर बाद जर्मनी को एक कॉर्नर मिला, जिस पर उन्होंने गोल भी कर दिया। लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने इस गोल को रद्द कर दिया।
VAR ने पाया कि गोल से पहले पैराग्वे के गोलकीपर के साथ फाउल हुआ था, जिससे जर्मनी की बढ़त की उम्मीदें खत्म हो गईं।
निर्धारित 90 मिनट और फिर अतिरिक्त समय में भी दोनों टीमें कोई और गोल नहीं कर सकीं। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से होना तय हुआ।
पेनल्टी शूटआउट का रोमांचक अंत
पेनल्टी शूटआउट जर्मनी के लिए एक बुरे सपने की तरह शुरू हुआ। टीम के स्टार खिलाड़ी काई हावर्ट्ज अपना पहला ही प्रयास चूक गए।
जर्मनी ने कुल मिलाकर तीन पेनल्टी गंवाई, जो उनके लिए काफी महंगा साबित हुआ। वहीं, पैराग्वे ने भी दो मौके गंवाए लेकिन अंत में वे संयम बनाए रखने में कामयाब रहे।
"यह विश्व कप इतिहास के सबसे अविश्वसनीय क्षणों में से एक है। किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि जर्मनी इस तरह टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा।"
आखिरकार, पैराग्वे ने शूटआउट 4-3 से जीतकर अंतिम-16 में अपनी जगह पक्की कर ली और फुटबॉल जगत को स्तब्ध कर दिया।
जर्मनी के नाम अनचाहा रिकॉर्ड
इस हार के साथ जर्मनी के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। यह विश्व कप के इतिहास में पहली बार है जब जर्मन टीम पेनल्टी शूटआउट में हारकर बाहर हुई है।
2014 में विश्व कप जीतने के बाद से जर्मनी का प्रदर्शन बड़े टूर्नामेंटों में लगातार खराब रहा है। यह हार उनके लिए एक बड़ी निराशा है।
इस उलटफेर की तुलना 1994 विश्व कप से की जा रही है, जब बुल्गारिया ने क्वार्टर फाइनल में तत्कालीन चैंपियन जर्मनी को हराकर बाहर कर दिया था।
पैराग्वे की इस ऐतिहासिक जीत ने उन्हें टूर्नामेंट का 'डार्क हॉर्स' बना दिया है, जबकि जर्मनी को अपनी गलतियों पर विचार करने के लिए घर वापस लौटना होगा।
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