ज्यूरिख | फीफा वर्ल्डकप 2026 में ग्रुप स्टेज के मुकाबले खत्म हो चुके हैं। रविवार को हुए आखिरी मैचों के साथ ही नॉकआउट में पहुंचने वाली 32 टीमों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। अब असली रोमांच शुरू होगा, जहां हर मैच 'करो या मरो' का होगा। पहले दौर में कुल 48 टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 16 का सफर समाप्त हो गया है।
फीफा WC 2026: नॉकआउट की 32 टीमें तय, देखें पूरी लिस्ट
फीफा वर्ल्डकप 2026 के पहले दौर के बाद नॉकआउट की 32 टीमों की तस्वीर साफ हो गई है। सिर्फ 3 टीमें ही अपने सभी ग्रुप मैच जीत पाईं।
HIGHLIGHTS
- फीफा वर्ल्डकप 2026 के नॉकआउट की 32 टीमें तय हो गईं।
- सिर्फ मेक्सिको, फ्रांस और अर्जेंटीना ने अपने तीनों मैच जीते।
- ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहने वाली 8 सर्वश्रेष्ठ टीमों को भी मौका मिला।
- पुर्तगाल की टीम सिर्फ एक जीत के साथ अगले दौर में पहुंची।
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ग्रुप स्टेज के हीरो: सिर्फ 3 टीमों का 100% रिकॉर्ड
इस वर्ल्डकप के ग्रुप स्टेज में केवल तीन टीमें ही ऐसी रहीं, जिन्होंने अपने सभी तीनों मुकाबले जीते। इन टीमों में मेक्सिको, फ्रांस और अर्जेंटीना शामिल हैं। इन तीनों टीमों ने अपने ग्रुप में टॉप पर रहते हुए शानदार अंदाज में अगले दौर के लिए क्वालीफाई किया। उनका प्रदर्शन टूर्नामेंट में उनकी मजबूत दावेदारी को दर्शाता है।
अर्जेंटीना ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में जॉर्डन को 3-1 से मात दी, जबकि फ्रांस ने ग्रुप I में अपने सभी मैच जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया। मेक्सिको ने भी ग्रुप J में अपना दबदबा कायम रखा और पूरे 9 अंकों के साथ नॉकआउट में जगह बनाई।
अन्य ग्रुप टॉपर्स का प्रदर्शन
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अन्य ग्रुप्स में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली। ग्रुप A से पुर्तगाल और कोलंबिया ने क्वालीफाई किया, हालांकि पुर्तगाल सिर्फ एक ही मैच जीत सका। ग्रुप B से स्विट्जरलैंड और कनाडा, ग्रुप C से ब्राजील और मोरक्को, जबकि ग्रुप D से अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने अगले दौर में जगह बनाई।
इसी तरह ग्रुप E में जर्मनी और कोटे डी आइवर, ग्रुप F में नीदरलैंड और जापान, ग्रुप G में बेल्जियम और मिस्र, और ग्रुप H में स्पेन और केप वर्डे ने क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहकर क्वालीफाई किया। केप वर्डे की टीम एक भी मैच नहीं जीत पाई, लेकिन तीन ड्रॉ से मिले तीन अंकों ने उन्हें अगले दौर में पहुंचा दिया।
तीसरे स्थान की टीमों ने भी मारी बाजी
इस बार के फॉर्मेट के तहत 12 ग्रुपों से तीसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ 8 टीमों को भी नॉकआउट में जगह मिली है। इन टीमों का चयन उनके अंकों और गोल अंतर के आधार पर किया गया। यह नियम टूर्नामेंट को और भी रोमांचक बनाता है, क्योंकि आखिरी मैच तक टीमों के पास मौका बना रहता है।
सेनेगल का प्रदर्शन तीसरे स्थान की टीमों में सबसे शानदार रहा, जिसका गोल अंतर +2 था। इसके अलावा स्वीडन, इक्वाडोर, घाना, बोस्निया और हर्जेगोविना, पैराग्वे और ईरान ने भी नॉकआउट का टिकट कटाया।
एक खेल विश्लेषक ने कहा, "इस बार का नॉकआउट स्टेज अप्रत्याशित परिणामों से भरा हो सकता है, क्योंकि कई छोटी टीमों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है और तीसरे स्थान से क्वालीफाई करके अपनी दावेदारी पेश की है।"
ये टीमें हुईं नॉकआउट के लिए क्वालीफाई
ग्रुप विजेता: कोलंबिया, स्विट्जरलैंड, ब्राजील, अमेरिका, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, स्पेन, फ्रांस, मेक्सिको, अर्जेंटीना, इंग्लैंड।
ग्रुप उपविजेता: पुर्तगाल, कनाडा, मोरक्को, ऑस्ट्रेलिया, कोटे डी आइवर, जापान, मिस्र, केप वर्डे, नॉर्वे, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रिया, क्रोएशिया।
तीसरे स्थान वाली टीमें: स्वीडन, इक्वाडोर, घाना, बोस्निया और हर्जेगोविना, पैराग्वे, सेनेगल, ईरान, अल्जीरिया।
इन टीमों का सफर हुआ खत्म
वहीं, 16 टीमों का वर्ल्डकप जीतने का सपना पहले ही दौर में टूट गया। इन टीमों में हैती, तुर्किये, ट्यूनीशिया, जॉर्डन, पनामा, कतर, चेक गणराज्य, कुरासाओ, इराक, उरुग्वे, सऊदी अरब, न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।
अब सभी की निगाहें नॉकआउट मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां एक भी गलती टीमों को टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। आने वाले मैच फुटबॉल प्रेमियों के लिए जबरदस्त रोमांच लेकर आएंगे, यह तय है।
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