thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

सांसद मदन राठौड़ के नाम से फर्जीवाड़ा: सांसद मदन राठौड़ के नाम से फर्जी लेटर, SP से शिकायत

गणपत सिंह मांडोली

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नाम से फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर एक दुकान पर कार्रवाई के लिए एसडीएम को पत्र लिखा गया। सांसद के निजी सचिव ने सिरोही एसपी को शिकायत दी है।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • सांसद मदन राठौड़ के नाम से फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर का मामला।
  • पिंडवाड़ा एसडीएम को व्हाट्सएप पर भेजा गया कूटरचित पत्र।
  • पत्र में एक दुकान को अतिक्रमण बताकर हटाने की मांग की गई थी।
  • सांसद के निजी सचिव ने सिरोही एसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
forged letter in mp madan rathore name complaint filed with sirohi sp

जयपुर | राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नाम से फर्जी लेटर पैड और फर्जी हस्ताक्षर का दुरुपयोग करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एक सरकारी अधिकारी को पत्र भेजा गया, जिसके बाद सांसद के कार्यालय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

क्या है पूरा मामला?

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निजी सचिव प्रभु दयाल यादव ने सिरोही के पुलिस अधीक्षक को एक पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत में बताया गया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के नाम से एक फर्जी लेटर पैड तैयार किया और उस पर उनके फर्जी हस्ताक्षर भी किए।

व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया पत्र

इस फर्जी लेटर पैड का उपयोग करते हुए पिंडवाड़ा के उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को 21 जुलाई 2026 की तारीख का एक पत्र भेजा गया।

यह पत्र मोबाइल नंबर 7230977579 से संचालित व्हाट्सएप के माध्यम से उपखंड अधिकारी को प्रेषित किया गया था।

पत्र में क्या थी मांग?

शिकायत के अनुसार, फर्जी पत्र में सिरोही जिले की पिंडवाड़ा तहसील के स्वरूपगंज स्थित गरबा चौक मैन बाजार की एक दुकान पर कार्रवाई करने की मांग की गई थी।

पत्र में 'अम्बिका मोजरी एंड चप्पल' नामक दुकान को राजकीय माध्यमिक विद्यालय के सामने स्थित होना बताया गया और इसे अतिक्रमण की श्रेणी में दर्शाते हुए हटाने की कार्रवाई के लिए एसडीएम को निर्देशित किया गया था।

सांसद ने किया खंडन

सांसद के निजी सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ की ओर से ऐसा कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि 21 जुलाई को, जिस तारीख का पत्र में उल्लेख है, सांसद मदन राठौड़ संसद की कार्यवाही में उपस्थित थे।

कानूनी कार्रवाई की मांग

प्रभु दयाल यादव ने पुलिस अधीक्षक से इस मामले में दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

शेयर करें: