जयपुर/पाली | राजस्थान के पाली जिले के निम्बाड़ा गांव से निकलकर मीडिया और खेल प्रशासन में पहचान बनाने वाले महिपाल सिंह राजपुरोहित ने हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है। पेशेवर मीडिया उद्यमी और हॉकी संघ पाली के जिलाध्यक्ष के रूप में सक्रिय रहे महिपाल सिंह को अब प्रदेश में हॉकी के विकास, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और जिला इकाइयों को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी मिली है।
महिपाल सिंह को हॉकी राजस्थान की कमान: पाली के निम्बाड़ा से निकले महिपाल सिंह राजपुरोहित बने हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष, SMS स्टेडियम में खिलाड़ियों से मिले
पाली के निम्बाड़ा गांव से संबंध रखने वाले मीडिया उद्यमी एवं हॉकी पाली के जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह राजपुरोहित ने हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है। इसके बाद उन्होंने जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों और टीम सदस्यों से मुलाकात की।
HIGHLIGHTS
- पाली जिले के निम्बाड़ा गांव के महिपाल सिंह राजपुरोहित ने हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।अध्यक्ष बनने के बाद जयपुर के SMS स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों और टीम सदस्यों से मुलाकात की।महिपाल सिंह पेशेवर मीडिया उद्यमी और हॉकी संघ पाली के जिलाध्यक्ष रहे हैं।उनके नेतृत्व में पाली में 16वीं राज्य स्तरीय जूनियर पुरुष हॉकी प्रतियोगिता आयोजित हुई थी।ग्रामीण प्रतिभाओं, महिला हॉकी, स्टेट लीग, आधुनिक प्रशिक्षण और डिजिटल प्रशासन को प्राथमिकता देने का रोडमैप।
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हॉकी राजस्थान की कमान संभालने के बाद महिपाल सिंह राजपुरोहित जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम पहुंचे। यहां उन्होंने हॉकी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और टीम सदस्यों से मुलाकात की। अध्यक्ष बनने के तुरंत बाद खिलाड़ियों के बीच पहुंचने को उनके नए कार्यकाल की मैदानी शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
पाली की हॉकी में सक्रिय भूमिका
महिपाल सिंह राजपुरोहित का संबंध पाली जिले के निम्बाड़ा गांव से है। पेशेवर रूप से मीडिया व्यवसाय से जुड़े होने के साथ वह लंबे समय से खेल गतिविधियों और हॉकी प्रशासन में सक्रिय रहे हैं। हॉकी पाली के जिलाध्यक्ष के रूप में उन्होंने प्रतियोगिताओं के आयोजन, खिलाड़ियों को अवसर देने और जिले में हॉकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है।
उनके नेतृत्व में जून 2026 में पाली में 16वीं राजस्थान राज्य स्तरीय जूनियर पुरुष हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। चार से सात जून तक चली प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों की टीमों ने भाग लिया। फाइनल मुकाबले में जयपुर ने अलवर को 3-1 से हराकर खिताब जीता था।
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प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने में हॉकी पाली की टीम सक्रिय रही। जिला स्तर पर खेल संगठन के संचालन और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी का यह अनुभव उनकी नई जिम्मेदारी में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

अध्यक्ष बनने के बाद सीधे खिलाड़ियों के बीच
हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद महिपाल सिंह का SMS स्टेडियम पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनके प्रशिक्षण, सुविधाओं और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की जानकारी ली।
राजस्थान में हॉकी के विकास के लिए नियमित प्रतियोगिताओं के साथ बेहतर खेल मैदान, आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित कोच, तकनीकी सहयोग और खिलाड़ियों के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती है। ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए इन सुविधाओं तक पहुंच और भी महत्वपूर्ण है।
हॉकी विकास की 14 प्राथमिकताएं
महिपाल सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में हॉकी राजस्थान के लिए सामने आए विकास रोडमैप में खेल के बुनियादी ढांचे से लेकर महिला हॉकी, आधुनिक प्रशिक्षण और डिजिटल प्रशासन तक 14 प्रमुख प्राथमिकताएं शामिल हैं।
- सरकारी स्तर पर दीर्घकालिक रोडमैप: प्रदेश में हॉकी सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार के सहयोग से कार्ययोजना तैयार करना।
- कॉर्पोरेट भागीदारी: निजी संस्थानों, औद्योगिक समूहों और प्रायोजकों को हॉकी से जोड़ना।
- जिला इकाइयों को सशक्त बनाना: सभी जिला हॉकी संघों की गतिविधियों और संगठनात्मक क्षमता को मजबूत करना।
- राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी: राजस्थान में राष्ट्रीय स्तर के हॉकी टूर्नामेंट आयोजित कराने के प्रयास करना।
- विशेष प्रशिक्षण शिविर: राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले खिलाड़ियों के लिए विशेष अभ्यास शिविर आयोजित करना।
- राजस्थान स्टेट हॉकी लीग: खिलाड़ियों को नियमित प्रतिस्पर्धात्मक अवसर देने के लिए राज्य स्तरीय लीग शुरू करना।
- ग्रासरूट हॉकी: गांवों, कस्बों और स्कूलों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण देना।
- महिला हॉकी को प्रोत्साहन: महिला खिलाड़ियों की भागीदारी, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के अवसर बढ़ाना।
- कोच और तकनीकी अधिकारियों का विकास: प्रशिक्षकों, निर्णायकों और तकनीकी स्टाफ के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाना।
- खेल और शिक्षा का समन्वय: युवा खिलाड़ियों को पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाने में सहयोग देना।
- आधुनिक खेल विज्ञान: फिटनेस, पोषण, चोट प्रबंधन और आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों को खिलाड़ी विकास से जोड़ना।
- पारदर्शी डिजिटल प्रशासन: संगठन के प्रशासनिक कामकाज और चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना।
- राजस्थान हॉकी टैलेंट हंट: प्रदेशभर में अभियान चलाकर नई खेल प्रतिभाओं की पहचान करना।
- मीडिया एवं जनसंपर्क तंत्र: खिलाड़ियों की उपलब्धियों और हॉकी गतिविधियों को व्यापक मंच उपलब्ध कराना।
ग्रामीण खिलाड़ियों तक सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती
राजस्थान के गांवों और छोटे शहरों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन कई स्थानों पर हॉकी के मैदान, उपकरण, प्रशिक्षक और नियमित प्रतियोगिताओं की उपलब्धता सीमित है। महिपाल सिंह स्वयं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। निम्बाड़ा गांव से प्रदेश के हॉकी संगठन के शीर्ष पद तक पहुंचने का उनका सफर ग्रामीण खेल प्रतिभाओं और नेतृत्व की संभावनाओं को रेखांकित करता है।
ग्रासरूट हॉकी और टैलेंट हंट को प्राथमिकता दिए जाने का वास्तविक प्रभाव इस बात से तय होगा कि कितने जिलों, स्कूलों और ग्रामीण खिलाड़ियों तक प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं की सुविधाएं पहुंचती हैं।
महिला हॉकी और स्टेट लीग पर नजर
राजस्थान में महिला हॉकी को मजबूत करने के लिए खिलाड़ियों की नियमित पहचान, सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण, महिला प्रशिक्षकों की उपलब्धता और जिला स्तर पर अधिक प्रतियोगिताओं की आवश्यकता है। प्रस्तावित राजस्थान स्टेट हॉकी लीग भी खिलाड़ियों को लगातार प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबले उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
यदि लीग को जिला इकाइयों, कॉर्पोरेट प्रायोजकों और खेल विभाग के सहयोग से लागू किया जाता है, तो उभरते खिलाड़ियों को चयनकर्ताओं के सामने अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच मिल सकता है।
मीडिया अनुभव से हॉकी को मिल सकता है व्यापक मंच
महिपाल सिंह राजपुरोहित पेशेवर मीडिया उद्यमी भी हैं। मीडिया और खेल प्रशासन के उनके अनुभव का मेल राजस्थान की हॉकी के प्रचार-प्रसार में उपयोगी साबित हो सकता है।
खेल संगठन के रोडमैप में मजबूत मीडिया और जनसंपर्क व्यवस्था को शामिल किया गया है। इसके माध्यम से जिला और राज्य स्तर के खिलाड़ियों, प्रतियोगिताओं तथा उभरती प्रतिभाओं को अधिक व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा सकता है।
योजनाओं को मैदान पर उतारने की परीक्षा
पाली जिले के निम्बाड़ा गांव से हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष पद तक पहुंचना महिपाल सिंह राजपुरोहित के खेल प्रशासनिक सफर का नया अध्याय है। जिलाध्यक्ष के रूप में काम करने के बाद अब उनके सामने प्रदेश के सभी जिलों में हॉकी गतिविधियां बढ़ाने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है।
अध्यक्ष बनने के बाद SMS स्टेडियम में खिलाड़ियों से मुलाकात के साथ उनके नए कार्यकाल की शुरुआत मैदान पर दिखाई दी है। अब हॉकी राजस्थान के प्रदर्शन का आकलन इस आधार पर होगा कि घोषित प्राथमिकताएं कितनी जल्दी ठोस कार्ययोजनाओं में बदलती हैं और उनका लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों तक किस स्तर पर पहुंचता है।