श्रीगंगानगर | राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक जयदीप बिहानी और RUIDP अधिकारियों के बीच उपजा विवाद अब जयपुर के सत्ता गलियारों तक पहुँच गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
विधायक-RUIDP विवाद: जांच शुरू: श्रीगंगानगर विधायक-RUIDP विवाद: IAS रवि जैन करेंगे जांच
विधायक बिहानी और अधिकारियों के बीच मारपीट मामले की जांच के लिए रवि जैन गंगानगर पहुंचे।
HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर UDH सचिव रवि जैन श्रीगंगानगर पहुंचे।
- विधायक जयदीप बिहानी और RUIDP अधिकारियों के बीच मारपीट का मामला गरमाया।
- फैक्ट फाइंडिंग कमेटी दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर सीएम को सौंपेगी रिपोर्ट।
- विधायक बिहानी ने अधिकारियों पर झूठे मुकदमों और लापरवाही का आरोप लगाया है।
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IAS रवि जैन की अध्यक्षता में जांच शुरू
मुख्यमंत्री के निर्देश पर UDH शासन सचिव रवि जैन आज श्रीगंगानगर पहुँच चुके हैं। उनके नेतृत्व में बनी फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अपनी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कमेटी का मुख्य उद्देश्य विधायक और अधिकारियों के बयानों में मौजूद विरोधाभासों को दूर करना है। रवि जैन आज दोनों पक्षों से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी बात सुनेंगे।
जांच टीम घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण करेगी। वहां मौजूद चश्मदीदों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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यह कमेटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार आगे की दंडात्मक या सुधारात्मक कार्रवाई का निर्णय लेगी।
प्रशासनिक स्तर पर इस जांच को लेकर काफी सरगर्मी है। अधिकारियों का एक दल साक्ष्यों को जुटाने में लगा है ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
विधायक जयदीप बिहानी का आक्रामक रुख
इस पूरे प्रकरण में विधायक जयदीप बिहानी का रुख बेहद कड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
बिहानी ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अधिकारियों पर पलटवार किया है। उन्होंने अधिकारियों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
विधायक का कहना है कि अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली की कमियों को छिपाने के लिए उन पर SC/ST एक्ट का इस्तेमाल करने की धमकी दे रहे हैं।
उनका तर्क है कि क्षेत्र में विकास कार्यों की कछुआ चाल से जनता परेशान है। जब उन्होंने इस पर सवाल उठाए, तो अधिकारियों ने इसे व्यक्तिगत विवाद बना दिया।
"मैं जनता के काम के लिए लड़ रहा हूँ। आरयूआईडीपी के अधिकारी अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए केस दर्ज कराने की धमकी दे रहे हैं। अगर मेरे खिलाफ कोई भी झूठा मामला दर्ज हुआ, तो संबंधित अधिकारियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।"
RUIDP परियोजनाओं पर सवालिया निशान
श्रीगंगानगर में राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (RUIDP) के तहत कई कार्य चल रहे हैं। इनमें सीवरेज और सड़क निर्माण मुख्य रूप से शामिल हैं।
स्थानीय निवासियों की शिकायत है कि इन कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है। सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
विधायक बिहानी ने इन्हीं जनसमस्याओं को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसी बैठक के दौरान विवाद की चिंगारी भड़की और मामला मारपीट तक पहुँच गया।
अधिकारियों का कहना है कि विधायक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। वहीं विधायक के समर्थकों का दावा है कि अधिकारियों ने ही पहले बदतमीजी की थी।
अब यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा है। राज्य सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया है कि वह अपने विधायक और अधिकारियों के बीच संतुलन कैसे बनाए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सीधी निगरानी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस पूरे मामले की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने रवि जैन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में किसी भी पक्ष के प्रति पक्षपात नहीं होना चाहिए।
जयपुर में भी इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। भाजपा संगठन इस मामले पर नजर रखे हुए है ताकि पार्टी की छवि को कोई नुकसान न हो।
यदि जांच में अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उन पर गाज गिरना तय है। वहीं विधायक की भूमिका संदिग्ध मिलने पर पार्टी आलाकमान हस्तक्षेप कर सकता है।
प्रशासनिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चिंता है कि ऐसे विवादों से विकास कार्यों की गति पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
निष्कर्ष: न्याय की उम्मीद
श्रीगंगानगर का यह विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर है। IAS रवि जैन की रिपोर्ट से ही तय होगा कि आखिर उस दिन क्या हुआ था।
जनता चाहती है कि उनके क्षेत्र के विकास कार्य बिना किसी बाधा के पूरे हों। राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव से केवल आम आदमी का नुकसान होता है।
उम्मीद है कि इस जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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