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राज्य

जोधपुर में विकास की नई मिसाल: जोधपुर: जेठाणिया बनेगा मॉडल गांव, 100 बीघा में विकास

Pradeep Beedawat

जोधपुर के जेठाणिया में 100 बीघा भूमि पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों पर आधारित मॉडल गांव बनेगा।

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HIGHLIGHTS

  • जोधपुर के जेठाणिया गांव में 100 बीघा भूमि पर विश्वस्तरीय मॉडल विकास परियोजना की शुरुआत हुई है।
  • यह परियोजना यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (UGPF) द्वारा विकसित की जा रही है।
  • इसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को स्थानीय स्तर पर लागू करना है।
  • परियोजना में स्कूल, अस्पताल, खेल परिसर और प्रशासनिक भवन एक ही स्थान पर बनाए जाएंगे।
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जोधपुर | जोधपुर जिले के जेठाणिया गांव में एक विश्वस्तरीय मॉडल विकास परियोजना की नींव रखी गई है। यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (UGPF) के नेतृत्व में यह परियोजना 100 बीघा भूमि पर विकसित होगी, जिसका लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर साकार करना है। यह पहल ग्रामीण भारत के विकास को नई दिशा दे सकती है।

100 बीघा में समग्र विकास का केंद्र

यह महत्वाकांक्षी परियोजना जोधपुर के लोहावट विधानसभा क्षेत्र में बालेसर के पास स्थित जेठाणिया गांव में लगभग 100 बीघा भूमि पर आकार लेगी। इसका उद्देश्य एक ऐसा समग्र विकास केंद्र स्थापित करना है जहां ग्रामीणों को सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकें।

परियोजना के तहत एक आधुनिक विद्यालय, उच्च स्तरीय अस्पताल, और एक विशाल खेल परिसर का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, प्रशासनिक सेवाओं की सुगमता के लिए पंचायत भवन और पटवार घर जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का भी विकास प्रस्तावित है।

बुनियादी ढांचे से आगे की सोच

इस परियोजना का लक्ष्य केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण करना नहीं है, बल्कि एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जो सामुदायिक विकास और सामाजिक समानता को बढ़ावा दे। यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने पर केंद्रित है।

सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को साकार करने की पहल

यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन ने इस परियोजना को संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 17 सतत विकास लक्ष्यों की भावना के अनुरूप डिजाइन किया है। इसका मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।

परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर फाउंडेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने कहा कि ग्रामीण भारत के समग्र विकास के लिए ऐसे मॉडल आवश्यक हैं।

यह परियोजना भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है। हमारा लक्ष्य है कि नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलें, जिससे उनका समय और संसाधन बच सकें।

इस कार्यक्रम में वासुदेव सिंह राठौड़, कर्नल बलबीर सिंह, ओमेन्द्र सिंह नरुका, और उमराव सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

ग्रामीण विकास के लिए एक प्रेरणास्रोत

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना योजना के अनुसार सफल होती है, तो यह न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए ग्रामीण विकास का एक अनूठा मॉडल बन सकती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और प्रशासनिक सेवाओं का यह एकीकृत स्वरूप ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह परियोजना सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सामाजिक और आर्थिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने का एक प्रयास है। इसका सफल कार्यान्वयन ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकता है।

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