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राजनीति

गहलोत का पायलट पर बड़ा बयान: राजस्थान सियासत: गहलोत ने सचिन पायलट पर दिया बड़ा बयान

मानवेन्द्र जैतावत

अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को 'बहुरूपिया' कहने पर भाजपा को करारा जवाब दिया है।

HIGHLIGHTS

  • भाजपा नेता राधा मोहनदास अग्रवाल ने सचिन पायलट को 'बहुरूपिया' कहा था।
  • अशोक गहलोत ने पलटवार करते हुए कहा कि पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में हैं।
  • गहलोत ने 2020 के मानेसर संकट के लिए भाजपा की साजिश को जिम्मेदार बताया।
  • पूर्व मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पायलट अब कभी पार्टी नहीं छोड़ेंगे।
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जयपुर | राजस्थान की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच के समीकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। भाजपा के तंज पर गहलोत ने पायलट का बचाव किया है।

टोंक में भाजपा प्रदेश प्रभारी राधा मोहनदास अग्रवाल ने सचिन पायलट को 'बहुरूपिया' करार दिया था, जिस पर अब गहलोत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

गहलोत ने स्पष्ट किया कि पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में हैं और वे कहीं नहीं जाने वाले हैं, जिससे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।

भाजपा नेता ने टोंक में एक जनसभा के दौरान कहा था कि स्थानीय विधायक की एक टांग कांग्रेस में है और दूसरी का पता नहीं।

भाजपा के तंज पर गहलोत का पलटवार

पश्चिम बंगाल के दौरे से लौटने के बाद जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए अशोक गहलोत ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट अब पूरी तरह से कांग्रेस के प्रति समर्पित हैं और भाजपा के बहकावे में आने वाले नहीं हैं।

उन्होंने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर कांग्रेस के अंदर फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी साजिश सफल नहीं होगी।

गहलोत ने कहा कि भाजपा के नेता चाहते हैं कि मैं पायलट के खिलाफ कुछ बोलूं ताकि पार्टी के भीतर फिर से विवाद शुरू हो सके।

"पायलट की दोनों टांगे कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में रहेंगी। अब उनको कोई नहीं भटका पाएगा, क्योंकि उन्हें पहले की गलतियों से अनुभव मिल चुका है।"



मानेसर प्रकरण और पुरानी कड़वाहट का जिक्र

अशोक गहलोत ने साल 2020 के राजनीतिक संकट का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भाजपा ने ही कांग्रेस विधायकों को गुमराह किया था।

उन्होंने कहा कि मानेसर प्रकरण भाजपा की शीर्ष लीडरशिप की देन थी, जिसकी वजह से राज्य सरकार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

गहलोत के अनुसार, सचिन पायलट अब समझ गए हैं कि उस समय हुई गलती के क्या अंजाम हुए थे, इसलिए वे अब संभलकर चल रहे हैं।

पिछले 14 दिनों में गहलोत ने तीन बार 2020 के संकट का जिक्र किया है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि वे पार्टी को एकजुट रखना चाहते हैं।

गहलोत ने यह भी कहा कि भाजपा नेता मदन राठौड़ और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बार-बार पायलट का नाम लेकर विवाद पैदा करना चाहते हैं।

राजस्थान कांग्रेस में एकजुटता का संदेश

पूर्व मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सचिन पायलट अब कभी पार्टी छोड़कर नहीं जाएंगे और पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

उन्होंने भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश नेतृत्व पर भी निशाना साधा और कहा कि वे केवल सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।

गहलोत का यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा टोंक और आसपास के इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि गहलोत का यह रुख आगामी चुनावों और पार्टी के आंतरिक संतुलन को बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

इस जुबानी जंग ने राजस्थान के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में इसके और भी दिलचस्प मोड़ लेने की संभावना है।

कुल मिलाकर, गहलोत ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कांग्रेस के भीतर अब सब कुछ ठीक है और विपक्ष की चालें कामयाब नहीं होंगी।

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