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राजस्थान

राज्यपाल का दौसा दौरा: राज्यपाल ने देखी चांद बावड़ी, बोले- गीता है जीवन का मार्ग

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दौसा में धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और चांद बावड़ी की तारीफ की।

HIGHLIGHTS

  • राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दौसा के बांदीकुई में 251 कुंडीय रुद्र महायज्ञ में भाग लिया।
  • उन्होंने श्रीमद्भागवत गीता को जीवन को बेहतर बनाने वाला मार्गदर्शक ग्रंथ बताया।
  • राज्यपाल ने आभानेरी स्थित विश्व प्रसिद्ध चांद बावड़ी की अद्भुत वास्तुकला की सराहना की।
  • उन्होंने भारतीय संस्कृति की मजबूती और आक्रमणकारियों के विफल प्रयासों का उल्लेख किया।
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दौसा | राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने यहाँ आयोजित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और आभानेरी की विश्व प्रसिद्ध चांद बावड़ी का अवलोकन किया।

गीता को बताया जीवन का मार्गदर्शक

राज्यपाल ने बांदीकुई के गुढ़ा आशिकपुरा में आयोजित 251 कुंडीय रुद्र महायज्ञ में शिरकत की। इसके बाद वे आभानेरी स्थित तिवाड़ी कोठी में चल रही श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान यज्ञ में पहुंचे।

वहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने गीता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ हमें जीवन के कठिन समय में सही रास्ता दिखाता है।

"गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं है, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का मार्गदर्शक ग्रंथ भी है। यह हमें सिखाती है कि कर्तव्यों का निर्वहन कैसे करना है।"

अन्याय के खिलाफ खड़े होने का संदेश

राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि गीता का संदेश है कि अन्याय करने वाला कोई भी हो, उसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए। यह साहस ही हमारी प्राचीन संस्कृति की असली पहचान है।

उन्होंने भारतीय संस्कृति की महानता को रेखांकित करते हुए कहा कि इसे समाप्त करने के अनेक प्रयास हुए। हजारों वर्ष पहले आक्रमणकारियों ने इसे नष्ट करने की कोशिश की थी।

राज्यपाल के अनुसार, भारतीय संस्कृति अपनी गहरी जड़ों और मूल्यों के कारण आज भी जीवंत है। इसे कोई भी बाहरी ताकत कभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं कर पाई है।

सकारात्मकता का संचार करते हैं धार्मिक आयोजन

उन्होंने कहा कि कथा वाचन, कीर्तन और प्रवचन जैसे आयोजन व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा देते हैं। इनसे मन के भीतर छिपी नकारात्मकता पूरी तरह समाप्त हो जाती है।

राज्यपाल ने समाज में इस प्रकार के आयोजनों की निरंतरता पर जोर दिया। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों से व्यक्ति के भीतर बहुत ही सकारात्मक बदलाव आता है।

चांद बावड़ी की अद्भुत वास्तुकला

धार्मिक आयोजनों के बाद राज्यपाल आभानेरी की विश्व प्रसिद्ध चांद बावड़ी पहुंचे। उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर की अद्भुत वास्तुकला की जमकर सराहना की और इसे विश्व स्तर पर अनूठा बताया।

उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले केवल चित्रों में इस बावड़ी को देखा था। लेकिन असल में इसे देखना एक अविस्मरणीय अनुभव रहा, जो राजस्थान की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।

राज्यपाल ने चांद बावड़ी को विश्व की सबसे आकर्षक बावड़ियों में से एक बताया। राज्यपाल का यह दौरा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत प्रेरणादायक और महत्वपूर्ण रहा।

*Edit with Google AI Studio

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