जयपुर | कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राजस्थान की भजन लाल सरकार, भाजपा और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने, आंतरिक कलह और अधिकारियों में डर पैदा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
डोटासरा का BJP-RSS पर बड़ा हमला: डोटासरा का BJP पर बड़ा हमला, 'शिक्षा का बेड़ा गर्क कर दिया'
डोटासरा ने राजस्थान सरकार की पोल खोली, कहा- फोन टैपिंग के डर से अधिकारी सिर्फ फेसटाइम पर बात कर रहे हैं।
HIGHLIGHTS
- गोविंद सिंह डोटासरा ने RSS पर शिक्षा व्यवस्था में हस्तक्षेप और शिक्षकों के मनमाने ट्रांसफर का आरोप लगाया।
- मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के बीच अनबन का दावा किया।
- आरोप लगाया कि फोन टैपिंग के डर से राजस्थान के अधिकारी केवल फेसटाइम पर बात कर रहे हैं।
- डोटासरा ने 2028 में कांग्रेस की सत्ता में वापसी का संकल्प लिया।
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डोटासरा ने अपने भाषण में कहा कि मौजूदा सरकार ने शिक्षा का भगवाकरण कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा मंत्री को अपने विभाग की कोई जानकारी नहीं है और सारे फैसले आरएसएस के इशारे पर लिए जा रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर RSS का नियंत्रण?
डोटासरा ने आरोप लगाया कि आरएसएस के लोग बिना किसी नियम के शिक्षकों और प्रिंसिपलों का ट्रांसफर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "सीकर के प्रिंसिपल का ट्रांसफर बाड़मेर किया जा रहा है और किसी को कुछ पता नहीं है।"
डोटासरा ने कहा, "इन्होंने शिक्षा का बेड़ा गर्क कर दिया है। स्कूलों में शस्त्र पूजन करवाया जा रहा है, जो हमारी संस्कृति का हिस्सा कभी नहीं रहा।"
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उन्होंने अपने शिक्षा मंत्री कार्यकाल की कुछ गलतियों को स्वीकार भी किया लेकिन दावा किया कि उनके समय में व्यवस्था पारदर्शी थी।
CM-डिप्टी CM में खींचतान
डोटासरा ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच चल रही लड़ाई का भी खुलासा किया। उन्होंने नेछवा में कॉलेज खोलने की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने बजट का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए थे।
उन्होंने इसे सीएम और डिप्टी सीएम के बीच की खींचतान का नतीजा बताया और तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बिना दिल्ली से आई पर्ची के कोई फैसला नहीं ले सकते।
ब्यूरोक्रेसी में फोन टैपिंग का खौफ
सबसे सनसनीखेज आरोप लगाते हुए डोटासरा ने कहा कि राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में डर का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी फोन टैपिंग के डर से सामान्य कॉल पर बात नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "अधिकारी इतने डरे हुए हैं कि वे केवल फेसटाइम पर बात करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि सामान्य कॉल रिकॉर्ड की जा रही हैं।" उन्होंने इसका जिम्मेदार अमित शाह और केंद्र सरकार को ठहराया।
डोटासरा ने अशोक गहलोत के विधायकों की खरीद-फरोख्त वाले बयान का भी समर्थन किया और कहा कि ईडी और इनकम टैक्स का डर दिखाकर लोकतंत्र का चीरहरण किया जा रहा है।
इन आरोपों के साथ, डोटासरा ने 'मिशन 2028' का ऐलान करते हुए कहा कि कांग्रेस 2028 में राजस्थान और 2029 में देश में सरकार बनाएगी। उनके इन बयानों ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी पारा और चढ़ने की उम्मीद है।
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