हनुमानगढ़ | राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित कालीबंगा के प्राचीन टीलों के विकास और संरक्षण के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। कालीबंगा को 'प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958' के तहत राष्ट्रीय महत्व का स्थल घोषित किया गया है। यह स्थान मुख्य रूप से सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेषों के लिए अपनी विशेष पहचान रखता है।
कालीबंगा का विकास: ₹31.63 लाख खर्च: हनुमानगढ़: सिंधु घाटी सभ्यता के केंद्र कालीबंगा के विकास पर खर्च हुए ₹31.63 लाख, केंद्र सरकार ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में बताया कि हनुमानगढ़ स्थित सिंधु घाटी सभ्यता के प्रसिद्ध स्थल कालीबंगा के संरक्षण और पर्यटकों की सुविधाओं के लिए पिछले तीन वर्षों में भारी निवेश किया गया है।
HIGHLIGHTS
- हनुमानगढ़ के कालीबंगा को राष्ट्रीय महत्व का पुरातात्विक स्थल घोषित किया गया है।
- वर्ष 2024-25 के दौरान इस स्थल के विकास पर ₹31.63 लाख खर्च किए गए हैं।
- पर्यटकों के लिए QR कोड, ब्रेल संकेत और व्हीलचेयर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा टीलों के संरक्षण के लिए विशेष कार्य किए गए हैं।
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संरक्षण और सुगमता के प्रयास
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा कालीबंगा में व्यापक संरक्षण कार्य किए गए हैं। पर्यटकों की आवाजाही को नियंत्रित करने और सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मुख्य मार्ग से टीलों तक एक विशेष पथ का निर्माण किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से प्राचीन टीलों के चारों ओर बनी मौजूदा चारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया है। इससे स्थल की ऐतिहासिक संरचनाओं को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं
पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए यहाँ कई नागरिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनमें बैठने के लिए बेंच, स्वच्छ पेयजल कियोस्क, आधुनिक शौचालय ब्लॉक और सामान रखने के लिए क्लॉक रूम शामिल हैं। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर और ब्रेल संकेतों की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सूचनाओं के डिजिटल प्रसार के लिए QR कोड-आधारित प्रणाली भी लागू की गई है।
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बजट और विकास कार्य
पिछले तीन वर्षों के दौरान इस स्थल पर विकास कार्यों के लिए निरंतर बजट आवंटित किया गया है। वर्ष 2024-25 में ₹31.63 लाख की राशि स्वीकृत और खर्च की गई है। इससे पहले वर्ष 2022-23 में ₹35.43 लाख और 2023-24 में ₹6.90 लाख व्यय किए गए थे। बजट की उपलब्धता के अनुसार इन सुविधाओं को समय-समय पर अपग्रेड किया जा रहा है।
जागरूकता और शिक्षा
स्थानीय समुदाय और छात्रों को जोड़ने के लिए यहाँ समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विश्व धरोहर सप्ताह और अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर विशेष कार्यक्रमों के जरिए इतिहास की जानकारी दी जाती है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020-21 के दौरान कालीबंगा में पुरातात्विक उत्खनन का कार्य भी संपन्न किया गया था, जिससे इस सभ्यता के बारे में नई जानकारियां सामने आई थीं।
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