जालोर। जिले में एक हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर पीड़ित परिवार का अनशन आठवें दिन भी जारी है। पीड़िता भारती कंवर अपने पति के हत्यारों की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे की मांग को लेकर अपनी 80 वर्षीय सास के साथ भूख हड़ताल पर बैठी हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही और अनशन समाप्त करवाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
गणपत सिंह हत्याकांड : जालोर में न्याय की मांग को लेकर 8वें दिन भी जारी भूख हड़ताल, पुलिस पर दबाव बनाने के आरोप
जालोर में हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर भारती कंवर अपनी 80 वर्षीय सास के साथ 8वें दिन भी भूख हड़ताल पर बैठी हैं।
HIGHLIGHTS
- • जालोर में पति के हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर पीड़ित परिवार का अनशन 8वें दिन भी जारी।
- • भारती कंवर अपनी 80 वर्षीय सास के साथ न्याय की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी हैं।
- • परिवार का आरोप—पुलिस मामले का खुलासा करने के बजाय धरना खत्म कराने का बना रही दबाव।
- • रात में एम्बुलेंस लेकर पहुंची पुलिस, सास को अस्पताल ले जाने को लेकर हुआ विवाद।
- • धरना स्थल पर मौजूद राजपूत समाज ने पुलिस के रवैये पर जताई नाराजगी।
- • 18 महीने बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी।
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पीड़िता ने जिला कलेक्टर को लिखे पत्र में बताया कि वह और उनकी बुजुर्ग सास शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की ओर से किसी तरह का ठोस आश्वासन नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि पुलिस मामले का जल्द खुलासा करने की बजाय धरना समाप्त करवाने के प्रयास कर रही है।

पत्र के अनुसार, बीती रात पुलिस एम्बुलेंस लेकर धरना स्थल पर पहुंच गई और उनकी सास की तबीयत खराब होने का हवाला देकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का प्रयास किया। परिवार ने पुलिस से सुबह जांच कराने का निवेदन किया, लेकिन आरोप है कि पुलिस बार-बार दबाव बनाती रही।
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धरना स्थल पर मौजूद राजपूत समाज के लोगों ने भी पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि पुलिस भूख हड़ताल समाप्त कराने जितनी तत्परता इस हत्याकांड के खुलासे में दिखाती, तो मामला अब तक सुलझ सकता था।
समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा नहीं किया गया तो राजपूत समाज बड़ा आंदोलन करेगा। उनका कहना है कि घटना को करीब 18 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि कहीं पुलिस किसी दबाव में तो काम नहीं कर रही।
पीड़ित परिवार का कहना है कि एक मां पहले ही अपने बेटे को खो चुकी है और अब उसे अपने बेटे के न्याय के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करने से भी रोका जा रहा है। परिवार और समाज के लोगों ने प्रशासन से मामले का जल्द खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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