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राजस्थान

IIT जोधपुर: मस्तिष्क के रहस्य: IIT जोधपुर में मस्तिष्क के रहस्यों पर शोध, खुलेंगे कई राज

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आईआईटी जोधपुर में मानव मस्तिष्क के रहस्यों पर अत्याधुनिक शोध हो रहा है, जिससे याददाश्त, भावना और सुनने की क्षमता को समझने में मदद मिलेगी।

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HIGHLIGHTS

  • आईआईटी जोधपुर में मानव मस्तिष्क के कार्य करने के तरीके पर अत्याधुनिक शोध हो रहा है।
  • शोध का उद्देश्य ध्यान, स्मृति, भावनाओं और भाषण को समझने की प्रक्रिया को जानना है।
  • ब्रेन वेव्स का अध्ययन कर याददाश्त में कमी और सुनने की समस्याओं का हल खोजा जा रहा है।
  • यह शोध मानसिक रोगों के बेहतर उपचार और ब्रेन-इंस्पायर्ड AI के विकास में मदद करेगा।
iit jodhpur research unlocks secrets of human brain

जोधपुर | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर में मानव मस्तिष्क के रहस्यों को उजागर करने के लिए एक महत्वपूर्ण शोध किया जा रहा है। यह शोध इस बात पर केंद्रित है कि हमारा मस्तिष्क कैसे काम करता है, विशेषकर जब बात ध्यान, स्मृति और भावनाओं की आती है।

 

मस्तिष्क के रहस्यों को सुलझाने में जुटा IIT जोधपुर

भीड़-भाड़ वाले माहौल में किसी की आवाज सुनना अचानक क्यों मुश्किल हो जाता है? उम्र बढ़ने के साथ कुछ लोगों की याददाश्त तेज क्यों बनी रहती है, जबकि कुछ लोग भूलने लगते हैं? इन जैसे कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब आईआईटी जोधपुर की कॉग्निटिव ब्रेन डायनेमिक्स लैब (CBDL) में खोजे जा रहे हैं।

स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस के प्रोफेसर दीपांजन रॉय के नेतृत्व में यह प्रयोगशाला मानव मस्तिष्क के कार्य करने के तरीके पर अत्याधुनिक शोध कर रही है।

शोध के मुख्य उद्देश्य

इस शोध का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि हमारा मस्तिष्क ध्यान (Attention), स्मृति (Memory), भावनाओं (Emotion), और भाषण को समझने (Speech Perception) जैसी जटिल प्रक्रियाओं को कैसे नियंत्रित करता है। साथ ही, यह भी अध्ययन किया जा रहा है कि मस्तिष्क बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को कैसे ढालता है।

यह शोध भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित कई राष्ट्रीय परियोजनाओं का हिस्सा है। इसके परिणाम भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका तंत्र से संबंधित रोगों के उपचार में क्रांति ला सकते हैं।

शोर में बातचीत समझने की क्षमता पर शोध

रोजमर्रा की जिंदगी में हम केवल सुनकर ही नहीं, बल्कि सामने वाले के होंठों की गतिविधियों और चेहरे के हाव-भाव देखकर भी बातचीत समझते हैं। शोर वाले वातावरण में यह क्षमता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ताओं ने पाया है कि मस्तिष्क को हल्की विद्युत उत्तेजना (Electrical Stimulation) देकर यह प्रभावित किया जा सकता है कि वह सुनी और देखी गई जानकारी को किस प्रकार एक साथ जोड़ता है।

ब्रेन वेव्स की भूमिका

मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों, जिन्हें "ब्रेन वेव्स" कहा जाता है, का अध्ययन करते हुए यह भी दिखाया गया कि कुछ विशेष तरंगें हमारी सुनने और समझने की क्षमता को बदल सकती हैं। यह शोध सुनने और बोलने में कठिनाई झेल रहे लोगों के लिए उन्नत सहायक उपकरण विकसित करने में उपयोगी हो सकता है।

याददाश्त को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

दुनिया भर में बढ़ती बुजुर्ग आबादी के साथ याददाश्त में आने वाले बदलावों को समझना एक बड़ी चुनौती है। आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ता यह अध्ययन कर रहे हैं कि ध्यान केंद्रित करने की प्रक्रिया हमारी कार्यशील स्मृति (Working Memory) को कैसे प्रभावित करती है।

इसके लिए ईईजी (EEG), एमईजी (MEG) और आधुनिक कम्प्यूटेशनल तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। शोध का लक्ष्य उन संकेतों की पहचान करना है, जिनसे भविष्य में स्मृति ह्रास (Memory Loss) का पहले से पता लगाया जा सके।

बीमारियों की शुरुआती पहचान

यह अध्ययन माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट (MCI) और फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया जैसी उम्र से जुड़ी तंत्रिका संबंधी बीमारियों की शुरुआती पहचान और बेहतर उपचार विकसित करने में मददगार साबित हो सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का लक्ष्य

आज दुनिया भर में अवसाद (Depression), चिंता (Anxiety) और ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर (OCD) जैसी मानसिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए आईआईटी जोधपुर की टीम फंक्शनल एमआरआई (fMRI) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर रही है।

शोधकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि अलग-अलग परिस्थितियों में लोगों का मस्तिष्क भावनाओं को किस प्रकार समझता और नियंत्रित करता है। इस शोध से ऐसे जैविक संकेत (Neurocognitive Markers) पहचानने में मदद मिल रही है, जो मानसिक रोगों के प्रभावी उपचार में सहायक होंगे।

अचानक खतरों पर मस्तिष्क की प्रतिक्रिया

जब हम सड़क पार करते समय अचानक किसी तेज रफ्तार वाहन को देखते हैं, तो हमारा मस्तिष्क तुरंत शरीर को सतर्क कर देता है। आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ताओं ने उन विशेष मस्तिष्कीय नेटवर्कों और ब्रेन वेव्स की पहचान की है, जो ऐसी घटनाओं पर हमारा ध्यान केंद्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह शोध एडीएचडी (ADHD) जैसी ध्यान से जुड़ी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने और उनके उपचार के नए उपाय विकसित करने में सहायक हो सकता है।

भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आधार

आईआईटी जोधपुर में किया जा रहा यह शोध केवल वैज्ञानिक खोज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज के लिए उपयोगी तकनीकें विकसित करना भी है। इसके परिणाम स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और संचार तकनीकों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

प्रोफेसर दीपांजन रॉय ने कहा, "मानव मस्तिष्क विज्ञान की सबसे जटिल प्रणालियों में से एक है। हमारा उद्देश्य यह समझना है कि मस्तिष्क जानकारी को कैसे ग्रहण करता है और जीवन के विभिन्न चरणों में स्वयं को कैसे अनुकूलित रखता है। न्यूरोसाइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़कर हम ऐसी तकनीकें विकसित करना चाहते हैं, जो भविष्य में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना सकें।"

यह शोध मानसिक स्वास्थ्य, उम्र से जुड़ी बीमारियों और संचार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए नई संभावनाएं खोल सकता है।

*Edit with Google AI Studio

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