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राजस्थान

सिरोही: खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीणों का बड़ा ऐलान, पंचायती राज चुनाव के बहिष्कार की घोषणा

गणपत सिंह मांडोली

सिरोही के पिंडवाड़ा में मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड की खनन परियोजना के खिलाफ ग्रामीणों ने एकजुट होकर आगामी पंचायती राज चुनावों के बहिष्कार की घोषणा की है।

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HIGHLIGHTS

  • पिंडवाड़ा के भारजा गांव में ग्रामीणों ने खनन परियोजना के विरोध में आम सभा आयोजित की।
  • ग्रामीणों ने आगामी पंचायती राज चुनावों के पूर्ण बहिष्कार का सामूहिक निर्णय लिया है।
  • मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड की परियोजना निरस्त होने तक मतदान नहीं करेंगे।
  • यह प्रस्तावित खनन परियोजना चार ग्राम पंचायतों के करीब एक दर्जन गांवों को प्रभावित करेगी।
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सिरोही | पिंडवाड़ा तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित एक निजी खनन परियोजना को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। भारजा गांव में आयोजित एक महत्वपूर्ण आम सभा के दौरान ग्रामीणों ने आगामी पंचायती राज चुनावों के पूर्ण बहिष्कार का कड़ा ऐलान किया है।

खनन परियोजना के खिलाफ एकजुटता

ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जब तक मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित खनन परियोजना को पूरी तरह निरस्त नहीं किया जाता, तब तक वे मतदान नहीं करेंगे।

इस बहिष्कार के तहत ग्रामीण जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और सरपंच पद के चुनावों में भाग नहीं लेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग पूरी होने तक यह विरोध जारी रहेगा।

दर्जनों गांवों पर मंडराता संकट

यह प्रस्तावित खनन परियोजना क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले करीब एक दर्जन गांवों को प्रभावित करने वाली है। इसी कारण स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

  • भारजा गांव में आयोजित आम सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी।
  • प्रस्तावित खनन परियोजना को तत्काल निरस्त करने की सामूहिक मांग।
  • चुनावी बहिष्कार के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति।

प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल

ग्रामीणों के इस सामूहिक फैसले के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। पंचायती राज चुनावों से ठीक पहले इस तरह का निर्णय सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन ग्रामीणों को मनाने के लिए क्या कदम उठाता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जमीन और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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