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राजस्थान

कोटा में 60 लाख की अवैध शराब जब्त: कोटा में आबकारी विभाग की बड़ी स्ट्राइक, 60 लाख की शराब जब्त

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

कोटा में आबकारी विभाग ने हाईवे पर नाकाबंदी कर 60 लाख रुपये की अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद की है।

HIGHLIGHTS

  • कोटा में नेशनल हाईवे 52 पर नाकाबंदी के दौरान 60 लाख रुपये की अवैध शराब जब्त की गई।
  • ट्रक में टाट की बोरियों के नीचे छिपाकर रखे गए थे चंडीगढ़ निर्मित शराब के 1360 कार्टन।
  • आबकारी आयुक्त नमित मेहता के 'जीरो टॉलरेंस' निर्देश के तहत यह बड़ी सफलता मिली है।
  • कार्रवाई में कुल 65,280 पव्वे बरामद किए गए, जो तस्करी कर लाए जा रहे थे।
illegal liquor seized kota rajasthan excise department

कोटा | राजस्थान सरकार की अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति रंग ला रही है। कोटा में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 60 लाख रुपये की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। यह खेप एक ट्रक में छिपाकर ले जाई जा रही थी।

एनएच-52 पर नाकाबंदी और बड़ी बरामदगी

कोटा जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त नरेश कुमार मालव ने बताया कि मुखबिर की सटीक सूचना पर नेशनल हाईवे 52 पर नया टोल प्लाजा गोपालपुरा के पास नाकाबंदी की गई थी।

वहां एक संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। ट्रक की तलाशी के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए। टाट की बोरियों के नीचे 'फॉर सेल इन चंडीगढ़' मार्का शराब के 1360 कार्टन छिपाए गए थे।

इसमें कुल 65,280 पव्वे बरामद हुए हैं, जिनकी बाजार में अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई से शराब माफियाओं के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

जीरो टॉलरेंस नीति का असर

आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी पर रोक के लिए सभी अधिकारियों को सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।

आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा, "प्रदेश में अन्य राज्य की अवैध शराब की तस्करी, निर्माण और विक्रय पर प्रभावी अंकुश के लिए सजगता से कार्य नहीं करने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।"

इस कार्रवाई का नेतृत्व जिला आबकारी अधिकारी कोटा विवेक शर्मा और बारां देवेन्द्र गिरी ने किया। टीम में सहायक आबकारी अधिकारी नारायण सिंह तोमर सहित कई निरीक्षक और जाप्ता शामिल रहा।

विभाग की इस मुस्तैदी से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तस्करी और निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

इस तरह की कार्रवाइयों से न केवल राजस्व की हानि रुकती है, बल्कि अवैध गतिविधियों पर भी लगाम लगती है। प्रशासन अब मुख्य आरोपियों की तलाश में जुट गया है।

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