प्रयागराज | भारत में आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। जनगणना आयुक्त की ओर से हाल ही में नई गाइडलाइन जारी की गई है। इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाली है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आम नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। लेकिन इस नई सुविधा के साथ प्रशासन ने एक कड़ी चेतावनी भी जारी की है। अगर आपने अपनी संपत्ति या परिवार के बारे में गलत जानकारी दी, तो आप पर कानूनी गाज गिर सकती है।
जनगणना 2027: गलत जानकारी पर जुर्माना: जनगणना 2027: सावधान! गलत जानकारी दी तो लगेगा भारी जुर्माना, पहली बार मिला ऑनलाइन 'स्वगणना' का मौका, जानें 33 सवालों की पूरी लिस्ट
भारत में होने वाली जनगणना 2027 के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इसमें पहली बार लोगों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा मिलेगी, लेकिन गलत जानकारी देने पर जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई और जुर्माना हो सकता है।
HIGHLIGHTS
- जनगणना 2027 में पहली बार नागरिकों को स्वगणना (Self-Enumeration) का विकल्प दिया गया है।
- गलत जानकारी देने या सहयोग न करने पर जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
- जनगणना के पहले चरण में मकानों और संपत्तियों से जुड़े कुल 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाएंगे।
- स्वगणना करने पर 16 अंकों की आईडी मिलेगी, जिसे प्रगणक को दिखाना अनिवार्य होगा।
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गलत जानकारी पर लगेगा भारी जुर्माना
प्रयागराज में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि हर नागरिक की जिम्मेदारी सही जानकारी देना है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत तथ्य बताता है या जनगणना कर्मियों के साथ सहयोग नहीं करता, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत ऐसे व्यक्तियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। इसमें मकान, मोबाइल नंबर और वाहनों जैसी संपत्तियों की सही जानकारी देना अनिवार्य है। उदाहरण के लिए, यदि आपके पास दो कारें हैं या आप तीन मोबाइल नंबर इस्तेमाल करते हैं, तो आपको इनका विवरण छुपाना नहीं चाहिए। इसी तरह, यदि गांव में आपके नाम घर है और शहर में पत्नी के नाम फ्लैट है, तो इन सभी का सही ब्योरा देना होगा।
पहली बार मिला 'स्वगणना' का विकल्प
इस बार की जनगणना को डिजिटल बनाने के लिए सरकार ने 'स्वगणना' यानी सेल्फ-एन्युमरेशन का विकल्प पेश किया है। इसका मतलब है कि अब आपको प्रगणक के घर आने का इंतजार नहीं करना होगा। आप खुद भी अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। परिवार का मुखिया या कोई भी पढ़ा-लिखा सदस्य आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकता है। इसके लिए मोबाइल नंबर और कुछ बुनियादी जानकारियों की आवश्यकता होगी। रजिस्ट्रेशन के बाद आप मैप पर अपने घर का स्थान भी चुन सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया 16 अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होगी। इससे भाषाई बाधा खत्म होगी और लोग अपनी सुविधा के अनुसार डेटा भर सकेंगे।
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33 सवालों का देना होगा जवाब
जनगणना के पहले चरण में मुख्य रूप से मकानों और परिवारों से संबंधित डेटा एकत्र किया जाएगा। इस दौरान कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों में मकान की स्थिति, परिवार को उपलब्ध सुविधाएं और घर में मौजूद परिसंपत्तियों का विवरण शामिल होगा। जब आप ऑनलाइन जानकारी भर देंगे, तो सिस्टम द्वारा 16 अंकों की एक विशिष्ट आईडी जेनरेट की जाएगी। यह आईडी बहुत महत्वपूर्ण है। जब सरकारी प्रगणक सत्यापन के लिए आपके घर आएंगे, तो आपको उन्हें यह आईडी दिखानी होगी।
डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा
अक्सर लोगों के मन में डर होता है कि उनकी निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल हो सकता है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने इस पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि जनगणना में दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग किसी कानूनी कार्रवाई या सरकारी लाभ छीनने के लिए नहीं होगा। डीएम ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक रूप से नियुक्त व्यक्तियों के साथ ही अपनी जानकारी साझा करें। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को अपना जनगणना रिकॉर्ड देखने की अनुमति न दें। सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद जरूरी है।
डिजिटल माध्यमों से होगा डेटा संग्रहण
इस बार कागज और पेन का इस्तेमाल कम से कम होगा। प्रगणक अपने स्मार्टफोन पर विशिष्ट मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग करेंगे। इससे डेटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और गलतियों की गुंजाइश भी कम रहेगी। रियल-टाइम डेटा अपडेट होने से जनगणना के नतीजे जल्दी आ सकेंगे। प्रयागराज में डीएम ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित कार्मिकों की ड्यूटी सीएमएमएस पोर्टल पर दर्ज की जाए। कार्मिकों का प्रशिक्षण 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ड्यूटी लगाते समय उनके कार्यक्षेत्र की निकटता का भी ध्यान रखा जाएगा। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने जनगणना को सफल बनाने का संकल्प लिया। अंततः, यह जनगणना देश के भविष्य की योजनाओं को बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। इसलिए हर नागरिक को इसमें बढ़-चढ़कर और ईमानदारी से भाग लेना चाहिए।
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