जयपुर | जयपुर के त्रिपोलिया बाजार में एक पुरानी हवेली की तुड़ाई के दौरान कुछ मजदूरों की किस्मत रातों-रात बदल गई। उन्हें वहां एक गुप्त खजाना मिला, लेकिन उनकी बदली हुई जीवनशैली ने ही दस महीने बाद इस राज से पर्दा उठा दिया और उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
जयपुर: हवेली से मिला खजाना, मजदूरों की बदली जिंदगी
जयपुर में पुरानी हवेली की तुड़ाई में मजदूरों को मिला गुप्त खजाना, बदली जीवनशैली से खुला 10 महीने पुराना राज।
HIGHLIGHTS
- जयपुर में पुरानी हवेली की तुड़ाई के दौरान मजदूरों को गुप्त खजाना मिला।
- अचानक बदली जीवनशैली और बढ़े खर्चों ने पुलिस का शक गहराया।
- खजाने के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद एक मजदूर ने पुलिस को सूचना दी।
- पुलिस ने 66.4 किलो चांदी बरामद की और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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कैसे बदली मजदूरों की जिंदगी?
पुलिस के अनुसार, खजाना मिलने के बाद मजदूरों की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। कल तक एक-एक दिन की मजदूरी के लिए परेशान रहने वाले 'छोटू' उर्फ महेश मल्होत्रा ने खुद का बुलडोजर और ट्रैक्टर खरीद लिया।
एक अन्य मजदूर जगदीश राजोरिया ने अपनी बेटी की शादी में लगभग 20 लाख रुपए खर्च कर दिए। बाकी मजदूरों ने भी मजदूरी करना छोड़ दिया और रोज शराब की महफिलों पर जमकर पैसा उड़ाने लगे।
बदली लाइफस्टाइल ने बढ़ाई मुश्किलें
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मजदूरों की अचानक बदली इस लाइफस्टाइल ने पुलिस का शक बढ़ा दिया। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो दस महीने पहले हवेली की तुड़ाई के दौरान मिले कथित खजाने का राज सामने आ गया।
एक मजदूर की शिकायत ने खोला राज
जयपुर डीसीपी (नॉर्थ) करन शर्मा ने बताया कि इस पूरे मामले का खुलासा करने में मजदूर अनुज अरोड़ा की अहम भूमिका रही। खजाना मिलने के बाद मजदूरों के बीच हिस्से का बंटवारा हुआ था, लेकिन अनुज को उसके वादे के मुताबिक हिस्सा नहीं मिला।
जब उसने ठेकेदार महेश मल्होत्रा से शिकायत की, तो ठेकेदार ने उसे यह कहकर टाल दिया कि मालिक को खजाने का पता चल गया है। अनुज को शक हुआ और वह सीधे भवन मालिक के पास पहुंच गया। जब मालिक ने खजाने की कोई जानकारी होने से इनकार किया, तो मामला पुलिस तक पहुंच गया।
पुलिस जांच और 66.4 किलो चांदी बरामद
एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल ने बताया कि यह हवेली विद्याधर का रास्ता में स्थित है। मालिक ने ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कोई भी पुरानी संपत्ति मिलने पर उसे सौंपा जाए। आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने खजाना मिलने पर इसे आपस में बांट लिया।
थानाधिकारी राकेश ख्यालिया के अनुसार, 15 जुलाई को मामला दर्ज किया गया। पुरानी घटना होने और मौके पर कोई सीसीटीवी सबूत न होने के कारण पुलिस ने आरोपियों की बदली आर्थिक स्थिति को जांच का आधार बनाया।
पुलिस ने महेश मल्होत्रा, जगदीश राजोरिया, ओमप्रकाश खीची, रजनी मल्होत्रा और अनुज अरोड़ा समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 66.4 किलो चांदी बरामद की गई है।
सोने के कलश और सिक्कों की तलाश जारी
पुलिस पूछताछ में 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, करीब 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के और 14 से 15 कलशों में प्राचीन सोने के सिक्के मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब बाकी चांदी और सोने के सिक्कों की तलाश में जुटी है।
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