नई दिल्ली | त्योहारों का सीजन हो या कोई खुशी का मौका, मिठाइयों के बिना सब अधूरा है। अक्सर काजू कतली या बर्फी पर चांदी की चमकती परत देखकर हम उसे बड़े चाव से खाते हैं। लेकिन क्या यह सुरक्षित है?
मिठाई पर चांदी: क्या यह सुरक्षित है?: मिठाई पर चांदी की पन्नी: स्वाद या सेहत का खतरा? जानें सच
मिठाई पर लगी चांदी की पन्नी सेहत के लिए कितनी सुरक्षित है? FSSAI और WHO की गाइडलाइन जानें।
HIGHLIGHTS
- FSSAI और WHO के अनुसार 99.9% शुद्ध चांदी का वर्क खाना पूरी तरह से सुरक्षित है।
- मिलावटी चांदी के वर्क में एल्युमीनियम और सीसा जैसी जहरीली धातुएं हो सकती हैं।
- नकली चांदी के सेवन से कैंसर, किडनी की बीमारी और हड्डियों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
- घर पर उंगली से छूकर या जलाकर चांदी की शुद्धता की पहचान आसानी से की जा सकती है।
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बाजार में मिलने वाली कई मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगा होता है। यह न केवल मिठाई को आकर्षक बनाता है बल्कि पारंपरिक रूप से इसे शुद्धता का प्रतीक भी माना जाता रहा है।
क्या मिठाई पर चांदी की पन्नी खाना सुरक्षित है?
FSSAI और WHO की गाइडलाइन के अनुसार, अगर चांदी की पन्नी 99.9 प्रतिशत शुद्ध है, तो उसका सेवन किया जा सकता है। शुद्ध चांदी हमारे पाचन तंत्र को नुकसान नहीं पहुंचाती है।
शुद्ध चांदी पेट में जाने के बाद पचती नहीं है। यह प्राकृतिक रूप से मल के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाती है। इसलिए असली चांदी का वर्क सेहत के लिए हानिकारक नहीं माना जाता।
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मिलावटी पन्नी से कैंसर और किडनी का खतरा
असली खतरा तब पैदा होता है जब चांदी के वर्क में मिलावट की जाती है। चांदी जैसी दिखने वाली यह पन्नी अक्सर एल्युमीनियम की हो सकती है, जो शरीर के लिए जहर समान है।
एल्युमीनियम का लंबे समय तक सेवन मस्तिष्क और हड्डियों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, मिलावटी वर्क में निकल, सीसा (Lead) और कैडमियम जैसी भारी धातुएं भी पाई जाती हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ा जोखिम
विशेषज्ञों का मानना है कि नकली चांदी का वर्क गर्भवती महिलाओं और उनके भ्रूण के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। यह विकासशील बच्चे के अंगों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
इसमें मौजूद भारी धातुएं कैंसर और किडनी की पुरानी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। इसलिए मिठाई खरीदते समय इसकी चमक के पीछे छिपे खतरे को पहचानना बेहद जरूरी हो जाता है।
"शुद्ध चांदी का वर्क स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है, लेकिन मिलावट होने पर यह किडनी और लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।"
घर पर कैसे करें शुद्धता की जांच?
आप घर पर ही कुछ आसान स्टेप्स में पता लगा सकते हैं कि मिठाई पर लगा वर्क असली है या नकली। इसके लिए आपको किसी लैब की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सबसे पहले चांदी के वर्क को उंगली से छूकर देखें। असली चांदी का वर्क उंगली से छूते ही चिपक जाता है और उंगली पर ही खत्म हो जाता है। यह बहुत नाजुक होता है।
वहीं, एल्युमीनियम का वर्क उंगली पर चिपकता नहीं है। यह टुकड़ों में टूटकर गिर जाता है और छूने पर थोड़ा भारी या सख्त महसूस हो सकता है। यह एक प्राथमिक पहचान है।
जलाकर देखें शुद्धता का प्रमाण
शुद्धता जांचने का दूसरा तरीका इसे जलाना है। मिठाई से थोड़ा सा वर्क निकालें और उसे जलाएं। अगर वह शुद्ध चांदी है, तो वह जलकर एक छोटी सफेद गेंद जैसा बन जाएगा।
अगर वह एल्युमीनियम है, तो वह जलने के बाद काला पड़ जाएगा और राख जैसा दिखने लगेगा। इस सरल प्रयोग से आप मिलावटखोरों के चंगुल से बच सकते हैं और सुरक्षित रह सकते हैं।
मिठाई खरीदते समय हमेशा सतर्क रहें। चमकदार दिखने वाली हर चीज सेहतमंद नहीं होती। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए केवल भरोसेमंद दुकानों से ही मिठाइयां खरीदें और जांच जरूर करें।
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