जबलपुर | मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम के बैक वाटर में हुए क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है।
जबलपुर क्रूज हादसे में बड़ा खुलासा: जबलपुर क्रूज हादसा: डांस के लिए नहीं पहनी लाइफ जैकेट
जबलपुर हादसे में पायलट का बड़ा दावा, डांस के चक्कर में गई जान।
HIGHLIGHTS
- जबलपुर के बरगी डैम हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
- क्रूज पायलट महेश पटेल ने दावा किया कि यात्रियों ने डांस के लिए जैकेट उतारी थी।
- अचानक आए तूफान और तेज हवाओं के कारण क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया।
- सरकार ने पायलट को बर्खास्त कर दिया है और कई अधिकारियों को सस्पेंड किया है।
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हादसे के बाद से ही लापता चार लोगों की तलाश जारी है, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार डैम के पानी में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
पायलट महेश पटेल का चौंकाने वाला बयान
इस भीषण हादसे के करीब 40 घंटे बाद क्रूज के पायलट महेश पटेल का बड़ा बयान सामने आया है। महेश ने उन सभी आरोपों का जवाब दिया है जो क्रू पर लग रहे थे।
महेश पटेल ने बताया कि जब वे क्रूज लेकर निकले थे, तब मौसम बिल्कुल सामान्य था। उन्होंने कहा कि उस समय कोई तूफान नहीं था, बस हल्की हवा चल रही थी।
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पायलट के अनुसार, जब लौटने का समय हुआ तो अचानक हवाएं तेज हो गईं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मौसम के बिगड़ने की पहले से कोई सटीक जानकारी नहीं थी।
हादसे के वक्त क्या हुआ था?
महेश ने स्पष्ट किया कि उनकी नाव किसी भी चीज से नहीं टकराई थी। उन्होंने क्रूज को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की थी, लेकिन कुदरत के आगे वे बेबस हो गए।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया था कि क्रू ने खराब मौसम की चेतावनियों को नजरअंदाज किया। हालांकि, पायलट ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
महेश पटेल ने बताया कि हवा इतनी तेज थी कि वे नाव को किनारे पर एंकर नहीं कर पाए। देखते ही देखते क्रूज में पानी भरने लगा और स्थिति अनियंत्रित हो गई।
डांस के चक्कर में सुरक्षा को किया नजरअंदाज
लाइफ जैकेट न पहनने के गंभीर आरोपों पर महेश ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट बांटी गई थीं, लेकिन कुछ लोगों ने इसे नहीं पहना।
पायलट का दावा है कि क्रूज पर सवार कुछ पर्यटक संगीत की धुन पर डांस कर रहे थे। डांस करने में आसानी हो, इसलिए उन्होंने लाइफ जैकेट उतार दी थी।
"सभी पर्यटकों को जैकेट दी गई थी, लेकिन कुछ डांस कर रहे थे जिसके कारण उन्होंने जैकेट नहीं पहनी थी। अचानक नाव में पानी भर गया और वह पलट गई।"
महेश ने बताया कि जब नाव पलटी, तब वे किनारे से महज 50-60 मीटर की दूरी पर थे। अचानक आए पानी के सैलाब ने सबको संभलने का मौका ही नहीं दिया।
पछतावे की आग में जल रहा है पायलट
हादसे के बाद से महेश पटेल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से कुछ भी खा नहीं पाए हैं और सो भी नहीं पा रहे हैं।
महेश ने भावुक होते हुए कहा कि वह खौफनाक मंजर उनकी आंखों के सामने बार-बार घूमता रहता है। उन्हें इस बात का गहरा पछतावा है कि वे लोगों को नहीं बचा सके।
पायलट ने यह भी दावा किया कि क्रूज बोट का मेंटेनेंस हर सोमवार को नियम से किया जाता था। उन्होंने तकनीकी खराबी की बात से भी साफ इनकार किया है।
सरकार की कड़ी कार्रवाई और बर्खास्तगी
इस हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार एक्शन मोड में है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर क्रूज पायलट महेश पटेल को उनकी नौकरी से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
सिर्फ पायलट ही नहीं, बल्कि क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। प्रशासन लापरवाही पर सख्त है।
होटल मैकल रिसॉर्ट के मैनेजर सुनील मरावी को भी निलंबित किया गया है। वहीं रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
यह हादसा पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक बड़ा उदाहरण बन गया है। अब प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए नियम बना रहा है।
जबलपुर का यह हादसा हमें याद दिलाता है कि मनोरंजन के दौरान सुरक्षा से समझौता जानलेवा हो सकता है। नियमों का पालन ही जीवन की सबसे बड़ी गारंटी है।
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