जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। शहर में लंबे समय से जारी पानी की किल्लत और बार-बार होने वाले शटडाउन की समस्या अब जल्द ही समाप्त होने वाली है।
राज्य सरकार ने जयपुर की प्यास बुझाने के लिए एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। बीसलपुर से जयपुर तक एक नई मेगा पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिस पर करीब 1886 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जयपुर: 1886 करोड़ की नई पाइपलाइन: जयपुर में 1886 करोड़ की नई बीसलपुर पाइपलाइन: 30 साल तक पानी की समस्या होगी खत्म, जल्द शुरू होगा काम
जयपुर शहर की पेयजल समस्या के स्थाई समाधान के लिए बीसलपुर से जयपुर तक 1886 करोड़ रुपये की लागत से नई मेगा पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना की डीपीआर एक महीने में तैयार हो जाएगी, जिससे आगामी 30 वर्षों तक शहर में पानी की किल्लत नहीं होगी।
HIGHLIGHTS
- 1886 करोड़ रुपये की लागत से बीसलपुर से बालावाला तक बिछाई जाएगी नई मेगा पाइपलाइन।
- परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) आगामी एक माह के भीतर तैयार कर ली जाएगी।
- नई पाइपलाइन बिछने के बाद जयपुर शहर में अगले 30 सालों तक पानी की कमी नहीं होगी।
- अतिरिक्त पाइपलाइन होने से भविष्य में शटडाउन और लीकेज के दौरान भी आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
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30 साल की जरूरतों का होगा समाधान
जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस नई पाइपलाइन के बिछने के बाद जयपुर शहर में अगले 30 वर्षों तक पेयजल की कोई कमी नहीं रहेगी। वर्तमान में शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए यह प्रोजेक्ट बहुत जरूरी हो गया था।
बीसलपुर प्रोजेक्ट विंग ने इस नई पाइपलाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। विभाग का दावा है कि अगले एक महीने में डीपीआर पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
शटडाउन की समस्या से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में जयपुर शहर में बीसलपुर से पानी की आपूर्ति के लिए केवल एक ही मुख्य इनलेट पाइपलाइन उपलब्ध है। जब भी इस लाइन में लीकेज होता है, तो पूरे शहर में सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो जाती है।
शटडाउन के कारण लाखों लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है। हाल ही में रेनवाल के पास हुए बड़े लीकेज को ठीक करने के लिए लिए गए शटडाउन ने पूरे जयपुर की प्यास बढ़ा दी थी।
नई लाइन बिछने के बाद, तकनीकी खराबी की स्थिति में एक पाइपलाइन को बंद कर दूसरी से आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी। इससे शहर में पानी की सप्लाई कभी भी पूरी तरह ठप नहीं होगी और लोगों को राहत मिलेगी।
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बजट और जमीन की उपलब्धता
राज्य सरकार ने बजट में जयपुर की पेयजल जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए 1886 करोड़ रुपये की घोषणा की थी। यह पाइपलाइन बीसलपुर बांध से बालावाला वितरण केंद्र तक बिछाई जाएगी।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि डीपीआर तैयार होते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग की कोशिश है कि जल्द से जल्द कार्य आदेश जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसके लिए नई जमीन अवाप्ति की आवश्यकता नहीं होगी। साल 2009 में जब पहली पाइपलाइन बिछाई गई थी, तभी अतिरिक्त लाइन के लिए जमीन आरक्षित कर ली गई थी।
विशेषज्ञों की देखरेख में काम
डीपीआर तैयार करने के लिए बीसलपुर प्रोजेक्ट विंग के साथ विभाग के अनुभवी सेवानिवृत्त इंजीनियरों की टीम लगाई गई है। यह टीम पाइपलाइन की मजबूती और भविष्य की मांग का सटीक आंकलन कर रही है।
पत्रिका की रिपोर्ट में हाल ही में 17 साल पुरानी पाइपलाइन में 33 लीकेज का खुलासा किया गया था। इस नई पाइपलाइन के आने से पुरानी जर्जर लाइनों पर दबाव कम होगा और पानी की बर्बादी भी रुकेगी।
- नई पाइपलाइन की क्षमता वर्तमान मांग से काफी अधिक रखी गई है।
- परियोजना के पूरा होने से जयपुर के बाहरी इलाकों में भी पानी का प्रेशर बढ़ेगा।
- टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य को समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य है।
जयपुर की जनता के लिए यह निवेश न केवल वर्तमान की समस्याओं को दूर करेगा, बल्कि भविष्य के महानगर की जल सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। सरकार के इस कदम से जयपुर के विकास को नई गति मिलेगी।
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