जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए बदमाशों ने कलेक्ट्रेट परिसर से एक युवक का अपहरण कर लिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह स्थान शहर के सबसे व्यस्त और सुरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है।
जयपुर: कलेक्ट्रेट में अपहरण और लूट: जयपुर: कलेक्ट्रेट से युवक का अपहरण, 50 हजार और चेन लूटी
कलेक्ट्रेट से युवक का अपहरण कर लूटे 50 हजार, विधानसभा अध्यक्ष का जलदाय विभाग को अलर्ट।
HIGHLIGHTS
- जयपुर कलेक्ट्रेट परिसर से महेंद्र सैनी का बदमाशों ने हथियारों के दम पर अपहरण किया।
- पुरानी रंजिश और पार्किंग विवाद के चलते बदमाशों ने 50 हजार रुपये और सोने की चेन लूटी।
- विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जलदाय विभाग को 2 महीने अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
- गर्मियों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समर कंटिन्जेंसी प्लान की समीक्षा की गई।
संबंधित खबरें
कलेक्ट्रेट परिसर में सनसनीखेज वारदात
पीड़ित महेंद्र सैनी (25), जो जयसिंहपुरा खोर का निवासी है, अपने एक रिश्तेदार की जमानत कराने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचा था। शाम करीब 5:30 बजे जब वह पानी पीने के लिए नीचे उतरा, तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उसे घेर लिया।
आरोपियों की पहचान तरुण शर्मा, दिशा और उनके अन्य साथियों के रूप में हुई है, जिन्होंने महेंद्र को जबरन दबोच लिया। बदमाशों ने हथियारों का डर दिखाकर उसे एक गाड़ी में डाल दिया और किसी अज्ञात स्थान की ओर ले गए।
मारपीट और लूटपाट की घटना
अपहरण के बाद बदमाशों ने महेंद्र के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे शारीरिक यातनाएं दीं। बदमाशों ने युवक के गले से सोने की चेन और उसकी जेब में रखे 50 हजार रुपये नकद लूट लिए।
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने महेंद्र को जान से मारने की धमकी दी। देर शाम उसे जयसिंहपुरा खोर थाने के पास सड़क किनारे फेंक कर आरोपी मौके से फरार हो गए।
संबंधित खबरें
पुरानी रंजिश और पार्किंग का विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस पूरी घटना के पीछे गाड़ी पार्किंग को लेकर उपजा पुराना विवाद मुख्य कारण था। कुछ समय पहले महेंद्र के रिश्तेदार ने आरोपियों के घर के बाहर अपनी गाड़ी पार्क कर दी थी, जिससे विवाद शुरू हुआ।
उस समय दोनों पक्षों में हुई मारपीट के बाद पुलिस ने महेंद्र के रिश्तेदार को शांति भंग की धारा में गिरफ्तार किया था। जब महेंद्र उसी मामले की पैरवी के लिए कलेक्ट्रेट आया, तो आरोपियों ने रंजिश निकालने के लिए उसे निशाना बनाया।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल
बनीपार्क थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अपहरण, लूट और मारपीट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब कलेक्ट्रेट परिसर और भागने वाले संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
इस घटना ने कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील स्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वकीलों और स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि भीड़भाड़ वाले समय में इतनी बड़ी वारदात कैसे हो गई।
विधानसभा अध्यक्ष की जलदाय विभाग के साथ बैठक
दूसरी ओर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
देवनानी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि आने वाले दो महीनों तक विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहना होगा। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में जनता को पानी के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
निर्बाध जलापूर्ति के लिए कड़े निर्देश
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति की समुचित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं पूर्व तैयारी के साथ सुचारू रखी जाएं ताकि आमजन को नियमित और पर्याप्त दबाव से पानी मिल सके।अधिकारी दो महीने अलर्ट मोड पर रहें। शिकायतें किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं हैं, निर्धारित समयावधि में जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
विशिष्ट क्षेत्रों में जल सुधार पर ध्यान
विधानसभा अध्यक्ष ने पंचशील नगर, विकासपुरी, फ्रेंड्स कॉलोनी और शास्त्री नगर जैसे क्षेत्रों में पूरे प्रेशर से जलापूर्ति करने के निर्देश दिए। इसके अलावा शिव नगर, वरुण सागर रोड, काजीपुरा और नृसिंहपुरा में भी व्यवस्था सुधारने को कहा गया है।
दयानंद कॉलोनी, गणपति नगर और पुष्कर रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में नियमित अंतराल पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने पंचशील नगर ई-ब्लॉक स्थित टंकी से गणेश गुवाड़ी को जोड़कर त्वरित राहत देने की बात कही।
समर कंटिन्जेंसी प्लान की समीक्षा
ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए समर कंटिन्जेंसी प्लान के कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। हैंडपंप और ट्यूबवेल स्थापित करने के साथ-साथ पाइपलाइन इंटरकनेक्शन के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है।
जहां आवश्यकता हो, वहां पानी के टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से काम करने के लिए निर्देशित किया गया। बजट घोषणा के अनुसार डीपीआर तैयार करने की कार्यवाही में भी तेजी लाने के आदेश दिए गए।
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का अल्टीमेटम
विधानसभा अध्यक्ष ने नवीन पाइपलाइन डालने के दौरान क्षतिग्रस्त की गई सड़कों की मरम्मत को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने वैशाली नगर और पंचशील नगर जैसे क्षेत्रों में एक सप्ताह के भीतर सड़क मरम्मत कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनता को सुविधा देने के नाम पर किसी भी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़कों की खुदाई के बाद उन्हें उसी स्थिति में छोड़ना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है जिसे तुरंत सुधारा जाए।
परियोजनाओं के त्वरित संचालन के निर्देश
बैठक में रावत नगर, मिलिट्री स्कूल और माकड़वाली ग्राम में नवनिर्मित पानी की टंकियों के कार्यशील होने की स्थिति की समीक्षा की गई। देवनानी ने निर्देश दिए कि जो परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें शीघ्र ही जनता की सेवा में समर्पित किया जाए।
अजमेर और केकड़ी में बर्स्ट ट्रांसफर सिस्टम स्थापित करने की प्रगति की भी जांच की गई। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाना चाहिए।
निष्कर्ष और भविष्य की रणनीति
जयपुर में हुई अपहरण की घटना और जलापूर्ति को लेकर सरकार की सक्रियता राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता को दर्शाती है। जहां एक ओर पुलिस अपराधियों की तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन गर्मियों की चुनौतियों से निपटने की तैयारी कर रहा है।
इन दोनों ही मामलों में त्वरित कार्रवाई और प्रभावी समाधान ही जनता के विश्वास को बहाल कर सकता है। आने वाले दिनों में पुलिस की गिरफ्तारी और जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
*Edit with Google AI Studio