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राजनीति

जयपुर: NEET पर कांग्रेस का हल्ला बोल: NEET पेपर लीक: जयपुर में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, पुलिस ने चलाई वाटर कैनन

प्रदीप बीदावत

नीट पेपर लीक को लेकर जयपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प।

HIGHLIGHTS

  • जयपुर में नीट पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस ने भाजपा मुख्यालय का घेराव करने के लिए कूच किया।
  • पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बैरिकेडिंग की।
  • गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को 'नीट चोर' बताते हुए इस्तीफे की मांग की।
  • विधायक मुकेश भाकर और मनीष यादव के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की हुई, खाचरियावास सड़क पर धरने पर बैठे।
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जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय का घेराव करने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की देखने को मिली। पुलिस ने बेकाबू होती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का सहारा लिया और पानी की बौछारें छोड़ीं।

पुलिस के साथ तीखी झड़प और वाटर कैनन का प्रयोग

कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह से ही प्रदेश मुख्यालय पर जुटने लगे थे। वहां से वे पैदल मार्च करते हुए शहीद स्मारक पहुंचे। पुलिस ने उन्हें भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने से रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी।

जब कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें शुरू कर दीं। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को कार्यकर्ताओं ने अपने कंधों पर उठा लिया ताकि वे भीगने से बच सकें और नेतृत्व जारी रख सकें।

विधायक मनीष यादव और मुकेश भाकर जैसे युवा नेताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक नीचे उतारा और पीछे धकेला। इस दौरान लाडनूं विधायक मुकेश भाकर के साथ पुलिस की काफी धक्का-मुक्की हुई।

नेताओं का सड़क पर धरना और विरोध

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास प्रदर्शन के बीच में ही पुलिस कमिश्नरेट के सामने सड़क पर बैठ गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पेपर लीक के दोषियों को बचाने का आरोप लगाया।

पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को भी पुलिस ने धक्का देकर पीछे हटाया। सोलंकी ने कहा कि यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और वे इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। पुलिस के सख्त रवैये के बावजूद कार्यकर्ता डटे रहे।

डोटासरा का तीखा हमला: धर्मेंद्र प्रधान को बताया 'नीट चोर'

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में धांधली ने लाखों बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है।

डोटासरा ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस पूरे घोटाले के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने उन्हें 'नीट चोर' और 'धोखेबाज' तक कह डाला और तत्काल इस्तीफे की मांग की।

"हम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही तो मांग रहे हैं। वह चोर और धोखेबाज है। नीट पेपर लीक ने एनटीए की विश्वसनीयता खत्म कर दी है। इसकी जांच कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।"

डोटासरा ने आगे कहा कि पिछले तीन सालों से नीट के पेपर लीक हो रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर अब देश के युवाओं का भरोसा नहीं रहा है, इसलिए इस संस्था को तुरंत भंग कर देना चाहिए।

प्रदर्शन में दिखा रचनात्मक विरोध का रंग

कांग्रेस के इस प्रदर्शन में केवल नारेबाजी ही नहीं, बल्कि रचनात्मक विरोध भी देखने को मिला। कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने डफली बजाकर और लोक गीत गाकर केंद्र सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध जताया।

हैरानी की बात यह रही कि कुछ युवा प्रदर्शनकारी मेडिकल स्टूडेंट्स के गेटअप में पहुंचे थे। उन्होंने एप्रन और स्टेथोस्कोप पहन रखा था। हालांकि, जब मीडिया ने उनसे सवाल पूछे, तो वे अपना चेहरा छुपाते नजर आए।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर 'नीट का पेपर कहां मिलेगा, भाजपा के बाड़े में' जैसे नारे लिखे हुए थे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के तार सीधे सत्ताधारी दल से जुड़े हैं।

कोर्ट की निगरानी में जांच और सीबीआई पर सवाल

कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। डोटासरा ने कहा कि सरकार ने मामला सीबीआई को तो दे दिया है, लेकिन उन्हें एजेंसी की निष्पक्षता पर संदेह है।

उन्होंने कहा कि 24 लाख बच्चों के भविष्य का सवाल है और इसे केवल खानापूर्ति के लिए जांच के हवाले नहीं किया जा सकता। कांग्रेस इस मुद्दे को तब तक उठाएगी जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता।

दोपहर बाद बड़े नेता शहीद स्मारक से रवाना हो गए, लेकिन बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वहां डटे रहे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए।

कांग्रेस का यह प्रदर्शन राजस्थान के अन्य जिलों में भी आयोजित किया गया है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे जेपीसी (Joint Parliamentary Committee) से इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग पर अड़े रहेंगे।

इस प्रदर्शन ने राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पेपर लीक के मुद्दे को गरमा दिया है। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और छात्रों का भविष्य किस दिशा में जाता है।

*Edit with Google AI Studio

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