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राजस्थान

गलता तीर्थ का होगा कायाकल्प: जयपुर के गलता तीर्थ का बदलेगा स्वरूप, सीएम ने दिए निर्देश

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गलता धाम के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए बड़े निर्देश दिए।

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HIGHLIGHTS

  • गलता तीर्थ के मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
  • बुजुर्गों के लिए गलता धाम में ट्रैवलेटर जैसी सुविधाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए।
  • सावन से पहले पवित्र कुंडों की सफाई और सड़कों पर धार्मिक चित्रण किया जाएगा।
  • मंदिर परिसर में वानरों के लिए विशेष स्थान और पार्किंग की व्यवस्था होगी।
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जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के ऐतिहासिक गलता तीर्थ के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने गालव ऋषि की इस पावन तपोस्थली के प्रति आमजन की गहरी श्रद्धा का सम्मान किया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गलता तीर्थ के प्राचीन स्वरूप को बचाए रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए। उन्होंने पौराणिकता और आधुनिकता के अद्भुत संगम पर जोर दिया।

बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यहाँ बुजुर्गों के लिए ट्रैवलेटर जैसी आधुनिक मशीनें लगाई जाएं। इससे मंदिर की चढ़ाई करने में वृद्धजनों को काफी सुविधा और बेहतर अनुभव मिलेगा।

उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें। गलता धाम आने वाले रास्तों का विकास भी प्राथमिकता पर होना चाहिए।

जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण

सीएम ने मंदिर परिसर और पवित्र कुंडों की दीवारों के जीर्णोद्धार के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गलता धाम आने वाले दोनों मुख्य रास्तों पर समुचित वाहन पार्किंग विकसित की जानी चाहिए।

साथ ही, गलता मार्गों पर सुंदर धार्मिक चित्रण किया जाएगा। इससे प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य तीर्थ तक आने वाले श्रद्धालुओं का मन भक्ति और आस्था के भाव से भर उठेगा।

तीर्थ के मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए पौराणिकता एवं आधुनिकता के संगम के साथ व्यवस्थाओं को विकसित किया जाए।

सावन से पहले सफाई अभियान

सावन के महीने से पहले पवित्र कुंडों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, गलता जी की पहचान माने जाने वाले वानरों के लिए विशेष स्थान निर्धारित होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रवेश द्वार पर गलता तीर्थ के सभी मंदिरों की संपूर्ण जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इससे यहां आने वाले नए पर्यटकों को मंदिर के इतिहास की जानकारी मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी के साथ सीताराम जी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने आरती उतारकर प्रदेशवासियों की खुशहाली और उन्नति के लिए भगवान से मंगल कामना की।

इस दौरान उन्होंने गलता परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। सीएम के इन निर्देशों से गलता तीर्थ का धार्मिक पर्यटन और भी समृद्ध और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

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