जयपुर | गुलाबी नगरी जयपुर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए नगर निगम ने 'रंग दे गुलाबी' अभियान का शंखनाद किया है। इस अनोखी पहल के तहत शहर की 500 से ज्यादा दीवारों को कलाकृतियों से सजाया जा रहा है।
जयपुर में 'रंग दे गुलाबी' अभियान: जयपुर में 500 दीवारों पर पेंटिंग, ट्रांसजेंडर भी शामिल
जयपुर नगर निगम ने शहर को सुंदर बनाने के लिए शुरू किया 'रंग दे गुलाबी' अभियान, जुटे हजारों लोग।
HIGHLIGHTS
- जयपुर में 500 से अधिक दीवारों पर एक साथ पेंटिंग बनाने का अभियान शुरू हुआ।
- स्कूल-कॉलेज के बच्चों के साथ ट्रांसजेंडर समुदाय ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
- कलेक्टर संदेश नायक और कमिश्नर ओम कसेरा ने खुद पेंटिंग कर अभियान की शुरुआत की।
- इस पहल का मुख्य उद्देश्य आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और शहर को संवारना है।
संबंधित खबरें
प्रशासन और जनता की अनूठी भागीदारी
इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें केवल सरकारी अमला ही नहीं, बल्कि आम जनता भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। मालवीय नगर जोन से शुरू हुए इस कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने खुद ब्रश थामकर दीवारों पर रंग भरे। उन्होंने बच्चों के साथ पेंटिंग बनाकर उनका हौसला बढ़ाया और शहर को स्वच्छ रखने की अपील की।
मुख्यधारा से जुड़ा ट्रांसजेंडर समुदाय
संबंधित खबरें
अभियान का सबसे भावुक पल तब आया जब गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग पेंटिंग करते नजर आए। पहली बार उन्हें इस तरह के सामाजिक अभियान में इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
ट्रांसजेंडर समुदाय ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि अब तक उन्हें समाज में अलग नजर से देखा जाता था। लेकिन इस पहल ने उन्हें सम्मान और मुख्यधारा से जुड़ने का अहसास कराया है।
"कलेक्टर संदेश नायक ने कहा कि यह अभियान स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। दीवारों पर बनी पेंटिंग्स पर्यटकों तक स्वच्छ जयपुर का संदेश पहुंचाएंगी।"
खराब मौसम भी नहीं रोक पाया उत्साह
नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के तहत इस अभियान में जन-सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। बारिश और खराब मौसम के बावजूद लोगों का जोश कम नहीं हुआ।
शहर के अलग-अलग कोनों में लोग दीवारों पर स्वच्छता, पर्यावरण और राजस्थानी संस्कृति के संदेश उकेर रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि यह अभियान जयपुर की सूरत बदलने में मील का पत्थर साबित होगा।
इस अभियान ने न केवल दीवारों को रंगीन बनाया है, बल्कि सामाजिक समरसता और स्वच्छता का एक सशक्त संदेश भी दिया है। जयपुर की ये दीवारें अब हर आने-जाने वाले को स्वच्छता की प्रेरणा देंगी।
*Edit with Google AI Studio