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राजस्थान

जयपुर में बनेगा एम्स जैसा रिम्स (RIMS): जयपुर में बनेगा विश्वस्तरीय रिम्स, एम्स दिल्ली जैसी मिलेंगी सुविधाएं

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

राजस्थान सरकार जयपुर में रिम्स की स्थापना के लिए मिशन मोड में जुटी, मिलेंगी हाई-टेक स्वास्थ्य सेवाएं।

HIGHLIGHTS

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर जयपुर में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) की स्थापना का कार्य तेज हुआ।
  • चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
  • रिम्स को एम्स दिल्ली की तर्ज पर अत्याधुनिक तकनीक, डिजिटल हेल्थ और रोबोटिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
  • मानव संसाधन बढ़ाने के लिए तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक विशेष कमेटी गठित की जाएगी।
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जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर अब चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है।

बजट घोषणा के अनुरूप इस संस्थान को मिशन मोड में विकसित किया जा रहा है। शनिवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। इस दौरान आरयूएचएस को रिम्स के रूप में अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए मिशन मोड में कार्य के निर्देश

चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिम्स की स्थापना चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित सभी कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता को प्राथमिकता देने को कहा।

उन्होंने जोर दिया कि संस्थान को तकनीकी रूप से इतना सक्षम बनाया जाए कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुगम सेवाएं मिल सकें। रिम्स में डिजिटल हेल्थ सिस्टम को भी मजबूती से लागू किया जाएगा।

मानव संसाधन के लिए बनेगी विशेष कमेटी

संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा मंत्री ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने आरयूएचएस अस्पताल में मानव संसाधन शीघ्र बढ़ाने की बात कही।

इसके लिए तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी संस्थान की जरूरतों का आकलन करेगी और स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के सुझाव देगी।

मंत्री खींवसर ने कहा कि विशेषज्ञों की टीम यह सुनिश्चित करेगी कि संस्थान में किसी भी स्तर पर प्रतिभा की कमी न रहे। इससे मरीजों को हर समय विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकेंगी।

एम्स दिल्ली की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाएं

चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबू लाल गोयल ने बताया कि रिम्स को एक स्वायत्त और उच्च स्तरीय सुपर स्पेशियलिटी संस्थान के रूप में स्थापित किया जाएगा। यहाँ चिकित्सा सेवा और शोध को नई दिशा मिलेगी।

यह संस्थान एम्स दिल्ली की तर्ज पर उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा। यहाँ उन्नत अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा का केंद्र विकसित किया जाएगा, जो भविष्य के डॉक्टरों के लिए मील का पत्थर होगा।

संस्थान में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुविधाओं का समावेश होगा। इसके अलावा रोबोटिक तकनीकों के माध्यम से जटिल सर्जरी को आसान बनाया जाएगा।

मरीजों को मिलेगी हाई क्वालिटी क्लिनिक केयर

बैठक में विशेषज्ञों ने संस्थान को विश्व स्तर के चिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने के सुझाव दिए। यहाँ हाई क्वालिटी क्लिनिक केयर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि संस्थान के लिए एक प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया गया है। आरयूएचएस अस्पताल में पहले ही कई सुपर स्पेशलिटी सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं।

एडवांस डायग्नोसिस सुविधाओं के प्रारंभ होने से यहाँ रोगियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल रहा है। विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार से ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई है।

एसएमएस अस्पताल का कम होगा बोझ

रिम्स के विकसित होने से जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल और अन्य प्रमुख अस्पतालों पर मरीजों का भार कम होगा। यह संस्थान एक क्वाटरनरी रेफरल इंस्टीट्यूट के रूप में काम करेगा।

प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होने से मरीजों को इलाज के लिए अन्य राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। रिम्स में जटिल बीमारियों के इलाज की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे होंगी।

रिम्स की स्थापना चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

आरयूएचएस के कुलगुरु प्रमोद येवले ने बताया कि रिम्स को पूर्णतः पोस्ट ग्रेजुएट संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं पर भी काम चल रहा है।

बैठक में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी सहित कई प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सभी ने रिम्स को राजस्थान का मॉडल अस्पताल बनाने पर सहमति जताई।

निष्कर्षतः, रिम्स की स्थापना से राजस्थान का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर वैश्विक स्तर का हो जाएगा। यह न केवल मरीजों के लिए बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में शोध करने वाले छात्रों के लिए भी एक बड़ा केंद्र बनेगा।

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