जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एमबीबीएस फाइनल ईयर के एक छात्र ने हॉस्टल की आठवीं मंजिल पर फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया।
जयपुर: MBBS छात्र ने किया सुसाइड: जयपुर SMS मेडिकल कॉलेज में MBBS छात्र ने किया सुसाइड
जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में परीक्षा से ठीक पहले एमबीबीएस छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी।
HIGHLIGHTS
- नितिन यादव (22) ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज के न्यू आरडी हॉस्टल की 8वीं मंजिल पर सुसाइड किया।
- छात्र का आज फोरेंसिक मेडिसिन का पेपर था, वह रात को दोस्तों के साथ पढ़ने निकला था।
- परिजनों ने सवाल उठाए कि यूजी के छात्र को पीजी हॉस्टल में प्रवेश कैसे दिया गया।
- मृतक के पिता बीएसएफ में कमांडो हैं और नितिन पिछले तीन साल से जयपुर में पढ़ाई कर रहा था।
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मृतक छात्र की पहचान 22 वर्षीय नितिन यादव के रूप में हुई है। नितिन शनिवार सुबह होने वाले अपने फोरेंसिक मेडिसिन के पेपर की तैयारी कर रहा था। पुलिस को घटना की सूचना शनिवार सुबह मिली।
परीक्षा वाले दिन ही उठाया खौफनाक कदम
नितिन यादव मूल रूप से अलवर का रहने वाला था। उसके पिता अर्जुन सिंह बीएसएफ में कमांडो के पद पर तैनात हैं। नितिन जयपुर में अपने चार दोस्तों के साथ किराए के फ्लैट में रहता था।
एसएमएस थाना प्रभारी राजेश शर्मा के अनुसार, नितिन शुक्रवार रात अपने दोस्तों के साथ पढ़ने निकला था। वह रात करीब 2 बजे अपने फ्लैट पर जाने की बात कहकर हॉस्टल से बाहर निकला था।
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सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, नितिन रात करीब 2:45 बजे न्यू आरडी हॉस्टल (पीजी हॉस्टल) में दाखिल हुआ। वह आखिरी बार 3:15 बजे तक सीसीटीवी में दिखाई दिया। इसके बाद उसने आठवीं मंजिल पर आत्महत्या कर ली।
हॉस्टल सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
नितिन के परिजनों ने कॉलेज प्रशासन और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि एक यूजी छात्र को पीजी हॉस्टल में प्रवेश कैसे मिल गया?
हॉस्टल स्टाफ का दावा है कि छात्र अपने लैपटॉप बैग में खुद रस्सी लेकर आया था। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने उसका मोबाइल और लैपटॉप जांच के लिए जब्त कर लिया है।
नितिन बेहद समझदार और प्रतिभाशाली बच्चा था। वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता। हमें इस मामले में निष्पक्ष जांच चाहिए। - अमृत, नितिन के मामा
मेधावी छात्र था नितिन यादव
नितिन पिछले तीन साल से जयपुर में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। वह अपने परिवार का छोटा बेटा था। उसके मामा के अनुसार, उसने पढ़ाई के तनाव के कारण दो दिन से घर बात नहीं की थी।
पुलिस अब छात्र के दोस्तों और हॉस्टल स्टाफ से सघन पूछताछ कर रही है। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा।
इस घटना ने मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के मानसिक दबाव और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बहस छेड़ दी है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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