रेवदर | अर्बुदारण्य की पावन धरा पर स्थित श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा की ओर से नंदगांव में आयोजित ‘श्री सुरभि हरिहर चातुर्मास आराधना महोत्सव’ के तहत नौ दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। परम श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंदजी महाराजश्री की पावन प्रेरणा से आयोजित चातुर्मास प्रवचनमाला के अंतर्गत धर्माचार्य मण्डपम् स्थित सत्संग मण्डप में कथा व्यास पूज्य दयानंदजी शास्त्री ने श्रीराम कथा का वाचन प्रारंभ किया।
रेवदर: गोसेवा और गोरक्षा के लिए हुआ भगवान श्रीराम का अवतार - दयानंदजी शास्त्री
पथमेड़ा के नंदगांव में श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। दयानंदजी शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार गोमाता, विप्र, देव और संतों के हित के लिए हुआ।
HIGHLIGHTS
- पथमेड़ा के नंदगांव में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ, मंगल कलश के साथ निकली शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब।
- दयानंदजी शास्त्री ने कहा- श्रीराम का अवतार गोसेवा के लिए हुआ।
- कथा से पूर्व मंगल कलश के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
- गोसेवा को जीवन का संकल्प बनाने का श्रद्धालुओं से आह्वान किया।
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कथा शुभारंभ से पूर्व दत्त चौक से कथा स्थल तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में मंगल कलश धारण किए सैकड़ों माताओं-बहनों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गोभक्त शामिल हुए। धार्मिक जयघोषों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
गोसेवा को बताया भगवान श्रीराम की सेवा के समान
कथा के प्रथम दिन दयानंदजी शास्त्री ने भगवान श्रीराम के अवतार की परिस्थितियों का वर्णन करते हुए गोसेवा और गोरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का अवतार ही गोमाता, विप्र, देव और संतों के हित के लिए हुआ। रामायण की पंक्ति “विप्र, धेनु, सुर, संत हित लीन मनुज अवतार” का उल्लेख करते हुए उन्होंने वर्तमान समय में गोमाता की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की।
शास्त्रीजी ने कहा कि गोमाता की सेवा से परमात्मा प्रसन्न होते हैं और गोसेवा एवं गोरक्षा का कार्य भगवान श्रीराम के कार्य के समान ही पवित्र है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गोसेवा को जीवन का संकल्प बनाने का आह्वान किया।
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श्रीराम कथा का आयोजन केवलारामजी पुरोहित एवं प्रवीणजी पुरोहित, पालड़ी के मनोरथ से किया जा रहा है।
इस अवसर पर ऋषिचैतन्यजी महाराज, चेतननाथजी महाराज, केवलाजी कस्तुराजी पुरोहित पालड़ी, प्रवीणजी सांवताजी पुरोहित पालड़ी, रघुनाथसिंह राजपुरोहित, रामचन्द्र नेहरा, पूर्व जिला प्रमुख अन्नाराम बोराणा, बलवंतराज अणखोल, सीईओ आलोक सिंहल, भरतसिंह बसंत, देवाराम डिगारी, हरजीभाई मोदी, मूलाराम पुरोहित सहित हजारों गोभक्त उपस्थित रहे।
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