जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र अमरापुर स्थान पर चैत्र मेले का आगाज हो चुका है। यह मेला एमआई रोड पर स्थित है, जो शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका माना जाता है। मेले के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने विशेष यातायात निर्देश जारी किए हैं।
जयपुर ट्रैफिक: चैत्र मेला डायवर्जन: जयपुर में चैत्र मेले को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, MI रोड सहित इन रास्तों पर 5 अप्रैल तक रूट डायवर्जन लागू
जयपुर के एमआई रोड स्थित अमरापुर स्थान पर आयोजित होने वाले चैत्र मेले के कारण ट्रैफिक पुलिस ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। 1 से 5 अप्रैल तक कई मार्गों पर वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा और पार्किंग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
HIGHLIGHTS
- जयपुर में 1 से 5 अप्रैल तक अमरापुर स्थान पर चैत्र मेले का आयोजन होगा।
- एमआई रोड और गणपति प्लाजा के आसपास पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- अजमेर रोड और सीकर रोड से आने वाली बसों के रूट में बड़े बदलाव किए गए हैं।
- खासाकोठी से गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे तक भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
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5 दिनों तक प्रभावी रहेगी व्यवस्था
यातायात पुलिस के अनुसार, यह विशेष डायवर्जन प्लान 1 अप्रैल से 5 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए पुलिस ने कई मार्गों पर वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया है। आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का चयन करने की सलाह दी गई है।
इन मार्गों पर पार्किंग रहेगी प्रतिबंधित
मेले के दौरान यातायात को सुगम बनाने के लिए कई मुख्य सड़कों को नो-पार्किंग जोन घोषित किया गया है। कलक्ट्री सर्कल से खासाकोठी और सिंधी कैंप मार्ग पर पार्किंग पूरी तरह से बंद रहेगी। वनस्थली मार्ग और चर्च रोड पर भी किसी भी प्रकार के वाहन को खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। गणपति प्लाजा से अमरापुर स्थान तक सड़क के दोनों किनारों पर पार्किंग निषेध रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को क्रेन द्वारा जब्त किया जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा।
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अजमेर और सीकर रोड से आने वाले वाहनों का डायवर्जन
अजमेर रोड की तरफ से आने वाली मिनी बसों और अन्य यात्री बसों के लिए नया रूट तय किया गया है। इन बसों को नाटाणियों के चौराहा से पीडब्ल्यूडी चौराहा की ओर डायवर्ट किया जाएगा। वहीं, सीकर रोड से आने वाली बसों को पानीपेच तिराहा से झोटवाड़ा रोड की ओर भेजा जा सकता है। यह बदलाव यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में तुरंत प्रभावी कर दिया जाएगा।
शहर के आंतरिक मार्गों में भी बदलाव
शालीमार तिराहा से चर्च रोड होकर गणपति प्लाजा जाने वाली मिनी बसों को अब गवर्नमेंट हॉस्टल की ओर जाना होगा। स्टेशन रोड से पार्क स्ट्रीट की ओर जाने वाले सामान्य यातायात को भी अन्य वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ दिया गया है। पोलोविक्ट्री से गणपति प्लाजा की ओर जाने वाले वाहनों को सिंधी कैंप और रेलवे स्टेशन की ओर भेजा जा रहा है। खासाकोठी से गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे के बीच भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
चैत्र मेले का धार्मिक महत्व
अमरापुर स्थान पर आयोजित होने वाला चैत्र मेला सिंधी समाज का एक अत्यंत महत्वपूर्ण वार्षिक उत्सव है। यह आयोजन 'प्रेम प्रकाश मंडल' के तत्वावधान में किया जाता है, जिसमें देश-विदेश से अनुयायी आते हैं। यह मेला प्रेम और शांति का संदेश देने वाले स्वामी टेऊंराम जी महाराज की याद में आयोजित होता है। पांच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में भजन, कीर्तन और सत्संग के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मेले के मुख्य आकर्षण और कार्यक्रम
मेले की शुरुआत पारंपरिक ध्वजारोहण और विशेष आहुतियों के साथ की गई है। प्रतिदिन सुबह और शाम संतों द्वारा सत्संग किया जाता है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष 'पल्लव' प्रार्थना में भाग लेते हैं। मेले में विशाल लंगर की व्यवस्था की गई है, जहां जाति-पाति का भेद भुलाकर लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष निर्देश
पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें। निजी वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जेबकतरों और संदिग्ध वस्तुओं से सावधान रहने की भी चेतावनी दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस सहायता केंद्र या ट्रैफिक हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।
स्थानीय व्यापार पर मेले का प्रभाव
चैत्र मेले के कारण एमआई रोड और आसपास के बाजारों में काफी रौनक देखी जा रही है। हालांकि, ट्रैफिक डायवर्जन के कारण कुछ व्यापारियों को माल की लोडिंग-अनलोडिंग में समस्या हो रही है। प्रशासन ने व्यापारियों को रात के समय या सुबह जल्दी माल मंगवाने का सुझाव दिया है। मेले के दौरान शहर की अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक उछाल देखने को मिलता है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ जयपुर सिविल पुलिस ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मेला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। सादा वर्दी में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है।
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