जयपुर | जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहरवासियों को बड़ी राहत देते हुए पेंडिंग ई-चालान (e-Challan) के निपटारे के लिए विशेष 'चालान निस्तारण शिविर' आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह अभियान पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है।
ट्रैफिक चालान निपटारे के लिए शिविर: जयपुर पुलिस का बड़ा कदम 24 थानों में निपटेंगे ट्रैफिक चालान
जयपुर में 8 से 25 मई तक विशेष शिविरों का आयोजन, 35000 लंबित चालानों का होगा निपटारा।
HIGHLIGHTS
- जयपुर पुलिस 8 मई से 25 मई 2026 तक विशेष चालान निस्तारण शिविर आयोजित कर रही है।
- शहर के 24 प्रमुख पुलिस थानों में सुबह 9 से शाम 6 बजे तक चालान जमा किए जा सकेंगे।
- शिविर में डिजिटल भुगतान जैसे UPI, डेबिट और क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध होगी।
- वर्चुअल कोर्ट में लंबित चालानों का निस्तारण इन शिविरों में नहीं किया जाएगा।
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शहर में मोटर यान अधिनियम के तहत किए गए चालानों की पेंडेंसी को समाप्त करने के लिए 8 मई से 25 मई 2026 तक विभिन्न क्षेत्रों में शिविर लगाए जाएंगे। पुलिस प्रशासन ने इसके लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
35,000 से अधिक लंबित चालानों का होगा समाधान
पुलिस आंकड़ों के अनुसार जयपुर में वर्तमान में लगभग 35,000 से ज्यादा ट्रैफिक चालान लंबित हैं। इन मामलों के समाधान के लिए शहर के 24 थानों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) योगेश दाधीच ने बताया कि उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम जोन में शिविर चरणबद्ध तरीके से सुबह 9 से शाम 6 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
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शिविरों की विस्तृत समय सारणी और स्थान
8 से 10 मई तक अशोक नगर, कानोता, भांकरोटा और मानक चौक में शिविर लगेंगे। इसके बाद 11 से 13 मई तक विधायकपुरी, खो-नागोरियान, वैशाली नगर और रामगंज में सुविधा मिलेगी।
14 से 19 मई के बीच महेश नगर, जवाहर नगर, झोटवाड़ा, आमेर, शिप्रापथ और जवाहर सर्किल थानों में चालान जमा किए जा सकेंगे। यहाँ पुलिसकर्मी चालान संबंधी शंकाओं का समाधान भी करेंगे।
20 से 25 मई तक मुहाना, सांगानेर, विश्वकर्मा, विद्याधर नगर, बनीपार्क और शास्त्री नगर थानों में निस्तारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
डिजिटल भुगतान और वैकल्पिक व्यवस्थाएं
शिविरों में डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और UPI के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा रहेगी। इससे प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी। वाहन स्वामियों को नकद राशि साथ रखने की जरूरत नहीं होगी।
शिविर में न जा पाने वाले लोग अजमेरी गेट स्थित यादगार भवन के कमरा नंबर 30 और 31 में स्थित चालान शाखा में जुर्माना जमा कर सकते हैं। यह सुविधा वहां निरंतर उपलब्ध रहती है।
"पेंडिंग चालानों के त्वरित समाधान के लिए जनता इन शिविरों में डिजिटल भुगतान का लाभ उठाएं और कानूनी जटिलताओं से बचें।"
वर्चुअल कोर्ट और ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्चुअल कोर्ट में भेजे गए चालानों का निस्तारण यहाँ नहीं होगा। ऐसे मामलों के लिए वाहन स्वामियों को आधिकारिक वेबसाइट vcourts.gov.in पोर्टल का उपयोग करना होगा।
वाहन स्वामी अपने चालान की स्थिति echallan.parivahan.gov.in पर देख सकते हैं। पुलिस ने समय पर भुगतान कर कानूनी कार्रवाई और पेनल्टी से बचने की विशेष अपील की है।
यह अभियान लंबित मामलों को बंद करने की दिशा में बड़ा कदम है। जयपुर पुलिस का लक्ष्य इन 18 दिनों के भीतर अधिकतम पेंडिंग मामलों को सुलझाना है ताकि रिकॉर्ड अपडेट हो सकें।
शिविरों में आने वाले नागरिकों के लिए बैठने और पानी की उचित व्यवस्था भी की गई है। यातायात पुलिस ने नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया है।
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