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राजस्थान

आहोर जमीन विवाद: शिवसेना (UBT) ने दी आंदोलन की चेतावनी

गणपत सिंह मांडोली

जालोर में आहोर नगरपालिका की विवादित जमीन पर पट्टे जारी करने के खिलाफ शिवसेना ने ज्ञापन सौंपा।

HIGHLIGHTS

  • शिवसेना (UBT) ने आहोर नगरपालिका में विवादित जमीन पर पट्टे जारी करने का विरोध किया है।
  • खसरा संख्या 1008, 1009 और 977 का मामला राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
  • बिना भूमि विभाजन के 21 खातेदारों वाली संयुक्त जमीन पर पट्टे देने का आरोप लगाया गया।
  • पार्टी ने मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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जालोर | जालोर जिले के आहोर नगरपालिका क्षेत्र में इन दिनों जमीन विवाद को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) ने विवादित भूमि पर पट्टे जारी करने के फैसले का पुरजोर विरोध किया है।

जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्थान के स्वायत्त शासन मंत्री जाबर सिंह खर्रा को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।

न्यायालय में विचाराधीन है मामला

शिवसेना का कहना है कि खसरा संख्या 1008, 1009 और 977 की भूमि का मामला फिलहाल राजस्थान उच्च न्यायालय में लंबित है। इसमें रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई होनी अभी बाकी है।

इसके बावजूद आहोर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी ने 2 मई 2026 को अखबार में लोक सूचना प्रकाशित कर दी। इस कदम को शिवसेना ने कोर्ट की अवमानना और नियमों का उल्लंघन बताया है।

नियमों को ताक पर रखने का आरोप

ज्ञापन के अनुसार खसरा संख्या 1009 में कुल 21 खातेदार दर्ज हैं। बिना किसी कानूनी विभाजन या पार्टिशन के संयुक्त जमीन पर पट्टे जारी करना पूरी तरह अवैध माना जा रहा है।

पार्टी ने नगरपालिका के विधि सलाहकार पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इसी विवादित भूमि पर पट्टे के लिए आवेदन किया है।

अगर प्रशासन ने इस अवैध प्रक्रिया को तुरंत नहीं रोका, तो शिवसेना जनहित में बड़ा आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेगी जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

शिवसेना (UBT) ने मांग की है कि 2 मई की लोक सूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही कोर्ट का फैसला आने तक किसी भी निर्माण या पट्टा प्रक्रिया पर रोक लगे।

प्रतिनिधिमंडल में जालोर शहर प्रमुख मिश्रीमल परिहार, रामसिंह राव, चुनीलाल पुरोहित और समाजसेवी शैलेश जैन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आहोर की जनता को उम्मीद है कि सरकार इस ज्ञापन पर संज्ञान लेगी और भू-माफियाओं व भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ पर नकेल कसेगी।

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