जयपुर | गुलाबी नगरी जयपुर का विकास अब सिर्फ सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) अब तकनीक के जरिए आमजन के और करीब पहुंच रहा है।
हाल ही में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में एक अनोखी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मीडिया प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जेडीए की ऑनलाइन सेवाओं और सुनियोजित विकास योजनाओं के प्रति व्यापक जनजागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने की।
जेडीए का डिजिटल अवतार: जयपुर विकास प्राधिकरण की नई पहल: अब घर बैठे होंगे जेडीए के काम, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के जरिए जनता तक पहुंचेगी हर जानकारी
जयपुर विकास प्राधिकरण ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ एक खास कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें जेडीए की ऑनलाइन सेवाओं, पट्टा प्रक्रिया और लैंड पूलिंग जैसी भविष्यगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
HIGHLIGHTS
- जेडीए ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मीडिया के लिए राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में विशेष कार्यशाला आयोजित की।
- ई-जनसुनवाई के जरिए अब तक 1007 डिजिटल सुनवाई पूरी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया गया जोर।
- लैंड पूलिंग स्कीम के तहत शिवदासपुरा और अजमेर रोड समेत कई इलाकों में होगा विश्वस्तरीय सुनियोजित विकास।
- शहर में आधुनिक इंजीनियरिंग के जरिए ट्रैफिक मैनेजमेंट और जोन-2 में आधुनिक 'वाइब सेंटर' का होगा निर्माण।
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पारदर्शिता और तकनीक पर जोर
सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि जेडीए की ऑनलाइन सेवाओं और नागरिक हितैषी योजनाओं की सही जानकारी जनता तक पहुंचना बहुत जरूरी है। अक्सर जानकारी के अभाव में लोग परेशान होते हैं।
उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स से अपील की कि वे तथ्यात्मक जानकारी के प्रचार-प्रसार में सहयोग करें। इससे आमजन के बीच किसी भी प्रकार की भ्रांति या भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
जेडीए अब पूरी तरह से डिजिटल होने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। पट्टा बनाने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा पारदर्शी और चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन उपलब्ध है।
पट्टा प्रक्रिया हुई आसान
कार्यशाला में पट्टा आवेदन से लेकर उसके पंजीयन तक की पूरी प्रक्रिया को उदाहरण सहित समझाया गया। अब नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।
जेडीए के क्षेत्राधिकार, प्रशासनिक जोन और विकास गतिविधियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इससे लोगों को पता चलेगा कि उन्हें किस काम के लिए कहां संपर्क करना है।
डिजिटल क्रांति के इस दौर में जेडीए ने 'ई-जनसुनवाई' की शुरुआत की है। यह सुविधा आम जनता के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है।
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ई-जनसुनवाई से त्वरित समाधान
ई-जनसुनवाई का समय प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। शिकायतकर्ताओं को सुनवाई के लिए डिजिटल लिंक उसी दिन साझा कर दिया जाता है।
प्रत्येक जोन और अनुभाग के लिए न्यूनतम 12 ई-सुनवाई आयोजित करना अनिवार्य है। अब तक जेडीए द्वारा रिकॉर्ड 1007 ई-जनसुनवाई सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं।
सीसीसी और डीटीएस के माध्यम से लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होने के कारण अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ी है।
GIS आधारित मॉनिटरिंग
जेडीए पोर्टल पर अब लीज रिकवरी और संपत्तियों की देयता की जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायतों के लिए GIS आधारित मॉनिटरिंग शुरू की गई है।
आमजन को फर्जी भूखंड विक्रेताओं से बचाने के लिए भी जेडीए ने कदम उठाए हैं। पोर्टल पर 'रिजेक्टेड स्कीम्स' और सरकारी भूमि की सूची सार्वजनिक की गई है।
शहर के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए जेडीए आधुनिक इंजीनियरिंग समाधान अपना रहा है। रोटरी, यू-टर्न और लेफ्ट फ्री टर्न जैसे प्रयोग सड़कों पर किए जा रहे हैं।
आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट
जेडीए ने इन्फ्लुएंसर्स से आग्रह किया कि वे अपनी रील्स और वीडियो के जरिए यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करें। इससे पर्यटकों को भी शहर में घूमने में आसानी होगी।
सिर्फ बुनियादी ढांचा ही नहीं, जेडीए अब नागरिकों की खुशहाली और मनोरंजन पर भी ध्यान दे रहा है। जोन-2 में एक खास 'वाइब सेंटर' विकसित किया जा रहा है।
इस वाइब सेंटर में ओपन थिएटर, जिम, लाइब्रेरी और डाइनिंग एरिया जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। यह हेरिटेज और आधुनिकता का एक अनूठा संगम होगा।
खेल सुविधाओं का विस्तार
युवाओं और बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए जेडीए अपनी जमीनों पर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है। इसमें बास्केटबॉल, स्केटिंग रिंक और बॉक्स फुटबॉल की सुविधा मिलेगी।
ये खेल सुविधाएं बाजार दरों से काफी कम शुल्क पर आम जनता के लिए उपलब्ध होंगी। इसका उद्देश्य शहर में एक स्वस्थ खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।
जयपुर के सुनियोजित शहरी विस्तार के लिए 'लैंड पूलिंग स्कीम' (LPS) को एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। यह योजना बेतरतीब बसावट को रोकने में मदद करेगी।
लैंड पूलिंग से बदलेगी सूरत
इस योजना के तहत गेटेड टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहित किया जाएगा। यहां स्कूल, अस्पताल, पार्क और बिजली घर जैसी सुविधाएं पहले से विकसित होंगी।
लैंड पूलिंग में जमीन मालिकों को उनकी लगभग 50 प्रतिशत विकसित भूमि वापस दी जाएगी। इससे किसानों और भू-स्वामियों को उनकी संपत्ति का बेहतर और वास्तविक मूल्य मिल सकेगा।
शिवदासपुरा, अचरावाला, महल रोड, कालवाड़ रोड और अजमेर रोड जैसे क्षेत्रों में इस योजना का खाका तैयार है। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद इसे धरातल पर उतारा जाएगा।
कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जेडीए के इन नवाचारों की सराहना की। इन्फ्लुएंसर्स ने माना कि डिजिटल पहलों से भ्रष्टाचार कम होगा और काम में गति आएगी।
जयपुर विकास आयुक्त ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि जनता के रचनात्मक सुझाव जेडीए के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन्हीं सुझावों के आधार पर भविष्य की योजनाएं और बेहतर बनाई जाएंगी।
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