जोधपुर | राजस्थान के जोधपुर शहर से एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के प्रसिद्ध महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) में सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी गईं।
जोधपुर अस्पताल OT में हमला: जोधपुर: एमजीएच अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी के दौरान घुसे बदमाश, नर्सिंगकर्मियों की बेरहमी से पिटाई
जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में सुरक्षा की बड़ी चूक सामने आई है। एक सनकी स्वीपर ने अपने साथियों के साथ ऑपरेशन थिएटर में घुसकर नर्सिंगकर्मियों पर हमला कर दिया, जिससे अस्पताल में हड़कंप मच गया।
HIGHLIGHTS
- जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) के इमरजेंसी ओटी में बदमाशों ने घुसकर हमला किया।
- हमला उस समय हुआ जब डॉक्टर एक गंभीर मरीज की सर्जरी कर रहे थे।
- आरोपी स्वीपर ने नौकरी से हटाए जाने की रंजिश में इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
- नर्सिंग एसोसिएशन ने घटना के विरोध में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने की मांग की है।
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इमरजेंसी ओटी में घुसे हमलावर
अस्पताल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले हिस्से 'ऑपरेशन थिएटर' में कुछ बदमाशों ने घुसकर जमकर उत्पात मचाया। इस घटना ने पूरे चिकित्सा जगत को हिलाकर रख दिया है। यह मामला आपसी रंजिश और नौकरी से जुड़े विवाद का बताया जा रहा है। घटना के वक्त ऑपरेशन थिएटर के अंदर एक मरीज की सर्जरी चल रही थी। अचानक हुई इस मारपीट से वहां मौजूद डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ दहशत में आ गए। हमलावरों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि नर्सिंगकर्मियों के साथ मारपीट भी की।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चांदपोल निवासी मोंटू ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया है। मोंटू एमजीएच अस्पताल में संविदा पर स्वीपर के रूप में काम करता है। मोंटू ने बताया कि 20 अप्रैल की रात वह इमरजेंसी ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर में अपनी ड्यूटी पर तैनात था। अंदर डॉक्टरों की टीम सर्जरी में व्यस्त थी। उसी समय आरोपी सन्नी अपने 3-4 साथियों के साथ जबरन ओटी के अंदर घुस आया। सन्नी पहले इसी अस्पताल में स्वीपर का काम करता था।
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नौकरी की रंजिश ने लिया हिंसक रूप
बताया जा रहा है कि आरोपी सन्नी को उसकी लापरवाही और शिकायतों के कारण ठेकेदार ने काम से हटा दिया था। उसकी जगह मोंटू को काम पर रखा गया था। सन्नी इसी बात से नाराज था और मोंटू को अपना दुश्मन मान बैठा था। उसने पहले भी मोंटू को देख लेने की धमकी दी थी। देर रात जब उसे मौका मिला, तो वह अपने साथियों के साथ सीधे अस्पताल पहुंच गया। उसने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को चकमा दिया और ओटी तक पहुंच गया।
सर्जरी के दौरान मची अफरा-तफरी
जब हमलावर ओटी में घुसे, उस समय एक मरीज का ऑपरेशन चल रहा था। ओटी की मर्यादा और स्वच्छता को ताक पर रखकर बदमाश अंदर घुस गए। उन्होंने मोंटू को पकड़ लिया और उसे पीटना शुरू कर दिया। जब वहां मौजूद नर्सिंगकर्मियों ने उसे बचाने की कोशिश की, तो बदमाशों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। नर्सिंग स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इससे ओटी के अंदर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और सर्जरी में भी बाधा आई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने जोधपुर के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक एमजीएच की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओटी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कोई बाहरी व्यक्ति कैसे घुस सकता है? अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड उस वक्त कहां थे? क्या अस्पताल प्रशासन केवल कागजों पर ही सुरक्षा के दावे करता है? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो अब पूछे जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर हमलावरों के पास हथियार होते, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। ओटी में संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।
नर्सिंग एसोसिएशन में भारी आक्रोश
इस हमले के बाद अस्पताल के नर्सिंगकर्मियों में जबरदस्त गुस्सा है। नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन से मुलाकात कर नाराजगी जताई है। एसोसिएशन के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश जाट ने कहा कि इस तरह की घटनाएं चिकित्साकर्मियों का मनोबल तोड़ती हैं। हम सुरक्षित माहौल में काम करना चाहते हैं। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और अस्पताल में पुलिस चौकी की व्यवस्था को और अधिक सक्रिय किया जाए।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सरदारपुरा थाना पुलिस ने पीड़ित मोंटू की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट और कार्य में बाधा डालने की धाराओं में केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी जयकिशन ने बताया कि एएसआई रमेश विश्नोई को मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान पुख्ता हो सके। आरोपी सन्नी और उसके साथी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
अस्पताल में डर का माहौल
इस घटना के बाद से अस्पताल के अन्य कर्मचारी भी डरे हुए हैं। खासकर रात की ड्यूटी करने वाले नर्सिंग स्टाफ और महिला कर्मियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए एंट्री गेट पर चेकिंग बढ़ा दी जाएगी। ओटी के बाहर भी गार्ड्स की तैनाती की जाएगी। हालांकि, कर्मचारी संगठन इन आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
निष्कर्ष: चिकित्सा जगत के लिए चिंता का विषय
अस्पतालों में बढ़ती हिंसा की घटनाएं समाज के लिए एक चिंताजनक संकेत हैं। जोधपुर की यह घटना दिखाती है कि अपराधी अब अस्पताल के पवित्र स्थानों का भी सम्मान नहीं करते। मरीज की जान बचाने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को अगर इस तरह के हमलों का सामना करना पड़ेगा, तो वे अपना काम ईमानदारी से कैसे कर पाएंगे? प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल इस मामले में कड़ी सजा दिलवाए, बल्कि पूरे प्रदेश के अस्पतालों के लिए एक सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करे।
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