जयपुर | राजस्थान के पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत का जन्मदिवस इस बार सेवा के संकल्प के साथ मनाया गया। प्रदेशभर में इसे 'गौसेवा दिवस' के रूप में आयोजित कर पशु कल्याण की मिसाल पेश की गई।
मंत्री का जन्मदिन बना गौसेवा दिवस: राजस्थान: मंत्री जोराराम कुमावत का जन्मदिन बना 'गौसेवा दिवस'
गौशालाओं में लगे विशेष चिकित्सा शिविर, पशुओं का हुआ मुफ्त इलाज और बांझपन निवारण का मिला परामर्श।
HIGHLIGHTS
- मंत्री जोराराम कुमावत का जन्मदिन पूरे प्रदेश में 'गौसेवा दिवस' के रूप में मनाया गया।
- प्रदेश की सभी पंजीकृत और अपंजीकृत गौशालाओं में एक दिवसीय चिकित्सा शिविर आयोजित हुए।
- पशुओं के बांझपन निवारण, टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेषज्ञों ने दी सेवाएं।
- मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और मोबाइल वेटरिनरी यूनिट जैसी योजनाओं पर दिया जोर।
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गौशालाओं में लगे विशेष चिकित्सा शिविर
इस खास मौके पर राज्य की सभी पंजीकृत और अपंजीकृत गौशालाओं में एक दिवसीय पशु चिकित्सा और बांझपन निवारण शिविर लगाए गए। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य पशुधन के स्वास्थ्य का संरक्षण करना और दुग्ध क्षमता बढ़ाना था।
शिविरों में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने गायों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें आवश्यक दवाइयां वितरित कीं। बांझपन से प्रभावित गौवंश के लिए कृत्रिम गर्भाधान और उचित उपचार की व्यवस्था भी की गई।
आधुनिक तकनीकों और योजनाओं की जानकारी
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पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेशचंद मीना ने बताया कि मंत्री जी के सक्षम नेतृत्व में विभाग कई नवाचार कर रहा है। इसमें मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और मोबाइल वेटरिनरी यूनिट का संचालन प्रमुख है।
इन कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को सीधा लाभ मिल रहा है। शिविरों के जरिए पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया गया ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके और पशु सुरक्षित रहें।
डॉ. मीना ने कहा, "इन शिविरों का उद्देश्य गौशालाओं में आश्रय प्राप्त गौवंश को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना और पशुपालकों को आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों से रूबरू करवाना है।"
शिविरों के दौरान खुरपका-मुंहपका और लंपी जैसी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाई गई। पशुपालकों को संतुलित आहार, स्वच्छता प्रबंधन और मौसमी बीमारियों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
पशुधन विकास को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीणों और गौशाला संचालकों ने मंत्री कुमावत के दीर्घायु जीवन की कामना की। इस पहल से न केवल बीमार पशुओं को राहत मिली, बल्कि पशुपालन के क्षेत्र में एक नए उत्साह का संचार भी देखने को मिला।
भविष्य में भी इस प्रकार के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रदेश में पशुधन विकास और गौसंवर्द्धन को नई गति मिलेगी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।
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